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"हल्ला बोल" के नियम और शर्तें......

सभी हिन्दू माताओ, बहनों व भाइयों ब्लागर बंधुओ को जय श्री राम 
हर सामुदायिक ब्लॉग का कुछ नियम होता है. और सभी सदस्यों पर यह नियम लागू होता है की हर हालत में हर शर्तों का पालन करें, शर्तें किसी भी रूप में एक वर्ष से पहले बदली नहीं जाएगी. एक वर्ष के पश्चात् जब एक दुसरे से सब भलीभांति परिचित हो जायेंगे तभी शर्तों में संशोधन किया जा सकता है. यह शर्ते इसलिए लागू हो रही हैं की मुस्लिम ब्लागरों के लेख पर जितने लोग आते हैं, हिन्दू ब्लॉग पर नहीं आते. इसके कारण क्या है. मैं पिछले कई दिन से शांत होकर ब्लोगों का अध्ययन  किया. तब जाकर हमारी रिसर्च के पश्चात् हमने कुछ नियम बनायें है. एक महीने तक हम अपने ब्लाग को देख भी नहीं पाए. पर यह संगठन हिन्दुओ का एक मजबूत संगठन हो इसके लिए समय तो देना ही था. हमारे निष्कर्षो के पश्चात् जो बाते सामने आई है वही शर्तें हैं. 
------- १.....  इस ब्लॉग पर  कोई भी मुसलमान ब्लागर लेखक नहीं बनेगा. यदि बनना चाहता भी है तो उसे हिन्दू और हिंदुत्व का सम्मान करना होगा, भगवान श्री राम, श्री कृष्ण  को इश्वर का औतार मानना होगा. भारत को माता और वन्दे मातरम को स्वीकार करने वाला होगा. मुस्लिमो द्वारा उसके क्षेत्र में हिन्दुओ के साथ होने वाले अत्याचार का सच देना होगा. उस सच की सत्यता रहे इसलिए समाचार पत्र की कटिंग को भी देना होगा. जो वीर अब्दुल हमीद जैसे शहीद को नमन करता होगा, बाबर और अकबर को नहीं. जिसे इस्लाम से पहले अपने देश से प्यार होगा. मजहब से पहले खुद भारतीय होने पर गर्व होगा. उसे शामिल करने से पहले उसके ब्लाग को देखा जायेगा. यदि कभी उस मुस्लिम ब्लागर ने जाने अनजाने हिन्दू धर्म का विरोध किया हो तो वह किसी हालत में  भी इस ब्लॉग से नहीं जुड़ सकता....... ऐसे लोग इस ब्लाग पर टिपण्णी भी नहीं कर सकते.
२ ...... कोई भी ब्लोगर चेहरा बदलकर शामिल न हो सके इसलिए उसका ब्लॉग इस ब्लॉग से कम से कम दस दिन पुराना हो. यदि कोई नया ब्लागर जुड़ना चाहेगा तो उसे यह सत्यापित करना होगा की वह सही व्यक्ति है कोई फ्राड नहीं.. 
---------३ ,, सच को लिखने में कोई संकोच न करें. घटना को लेकर धर्म ग्रंथो का उदाहरण भी दिया जा सकता है. पर उसकी सत्यता पर एक मुस्लिम भी बहस कर सकता है. और लेखक को उसे संतुष्ट करना होगा. किसी भी मुसलमान को हमारे धर्म और ग्रंथो पर अंगुली उठाने की आवश्यकता न पड़े.... 
...........४ .. बहस [ टिपण्णी } के दौरान किसी भी हालत में किसी के साथ अपशब्दों का प्रयोग न किया जाय, लेकिन किसी को उकसाने का प्रयास भी न किया जाय.  यदि कोई उकसाता है तो परिणाम से वह खुद भुगतेगा. किसी के प्रति दिया गया बयान {चाहे जिस भाषा में हो.} उसका जिम्मेदार वह स्वयं होगा. "हल्ला बोल" जब तक जिम्मेदारी नहीं लेता, लिहाजा हिन्दू धर्म के प्रति अभद्र शब्दों का प्रयोग हुआ  तो टिपण्णी प्रकाशित नहीं की जाएगी ......
.........5. यहाँ पर आने वाला हर हिन्दू ब्लागर सिर्फ हिन्दू होगा. न कोई बड़ी जाति का और न कोई छोटी जाति का. सब का धर्म नहीं बल्कि जाति भी हिन्दू होगी. हमारी हिन्दू संस्कृति में हर औरत माँ और बहन तथा बेटी की रूप होती है, लिहाजा अपशब्द यदि निकलते भी तो उसमे माँ,बहन बेटी जैसे शब्द का प्रयोग कदापि नहीं होगा. 
....5....... हिन्दू धर्म ही विश्व का सबसे बड़ा धर्म है. वह हिन्दू धर्म जो स्वामी विवेकानंद जी की तरह निडर वक्ता बनता है... वह धर्म जो शिवाजी का हिन्दू धर्म है. जिस धर्म के लिए राणाप्रताप ने घास की रोटियां खायी. हिन्दू धर्म ही है जिसमे पैदा होने का लोभ भगवान भी नहीं रोक पाए, उस परात्मा को भी  नर रूप  में कभी राम बनकर परिवार, समाज, धर्म, जाति, भाई, माता, पिता, स्वामी, मित्र, शिष्य बनकर लोंगो को संस्कार की प्रेरणा दी, ब्रह्मण कुल में जन्म लेने वाले रावन का वध भी करना पड़ा. हमें वह हिन्दू बनना है जो श्री राम ने सिखाया है. हमें आपस में वह प्रेम भी रखना  है कन्हैया ने सिखाया है. वह गीता दुनिया को दिखानी है. जिसका अनुसरण करने के लिया पूरा विश्व मचल उठे. वह हिन्दू बनना है जो एक हाथ से  बांसुरी की मनमोहक धुन भी बिखेरे तो दुसरे हाथ में सुदर्शन चक्र भी रखे. वह कृष्ण जो दुष्टों के संहार के लिए छलिया भी बन जाय. जरूरत पड़े तो ब्रह्मा जी की तरह हाथ में फूल लिए रहे और शिव का तांडव भी कर जाये. 
...........६ ..... यहाँ ऐसे हिन्दू चाहिए जो जातिगत भावना से ऊपर उठकर हो. जो राजनेताओ का अनुसरण नहीं बल्कि शहीदों का अनुसरण करें, वह शहीद जो देश की आन-बान-शान  के लिए वन्दे मातरम बोलकर धरती माँ की मिटटी चूम लेते हैं.. 
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-------   सभी लेखक यह ध्यान रखें किसी भी हालत में वह हिन्दू धर्म के नियमो पालन करेंगे. जो राष्ट्रभक्त हो, वन्दे मातरम शान से गाता हो, कुरान से बढ़कर गीता को माने, जो पाकिस्तान नहीं भारत माँ के गीत गाता हो, जो पाकिस्तान के जीतने पर ताली न बजाता हो, जो खुद को बाबर को नहीं,  भगवान राम को  पूर्वज माने,  जो ईद की तरह होली मनाता हो, जो गणेश पूजा और दुर्गापूजा पर डंडिया [वह खेल जो गुजरात में अधिक हम लोग खेलते } खेलता हो, जिसे भारत को माँ कहने और वन्दे मातरम को गाने से ख़ुशी मिलती होगी.. ऐसे राष्ट्रभक्त मुसलमान का सम्मान करेंगे. हिन्दू द्रोही और देशद्रोही मुसलमान का सम्मान कोई नहीं करेगा. 
,,,,,,उपरोक्त  नियम का पालन करने वाला हिन्दू ही इस ब्लाग का लेखक बन सकता है. इस्लाम की कुरीतियों को मानने वाला, खुद को सेकुलर कहने वाला हिन्दू , दुसरे को खुश करने के लिए दुम हिलाने वाला, अपराधियों की चौखट चूमने वाला, जिस्म का धंधा करने वाला, मुर्गा और  दारू के लिए, चंद रूपये  के लिए मतदान करने वाला  हिन्दू,  धर्म को अपमानित करने वाला या अपमान की अनदेखी करने वाला हिन्दू इस ब्लाग का लेखक नहीं बन सकता. उच्च व हीन मानसिकता से ग्रसित हिन्दू , धर्म को बदनाम ही करेंगे लिहाजा ऐसे हिन्दू इस मंच से नहीं जुड़ सकते.
हिन्दू धर्म का लबादा ओढ़कर चन्द देशद्रोही भ्रष्टाचारियों. बेईमानो, स्वार्थी, लोभी राजनेताओ ने सत्ता की लालच में आकर हिन्दू धर्म को छलने का काम किया है. हिन्दुओ को जाति के आधार पर बांटकर राजनीती की रोटी सेंक रहे हैं, ऐसे गद्दार तुष्टिकरण निति के चलते हिन्दुओ का ही दमन शुरू कर दिए, मुस्लिम बस्तियों में हिन्दुओ का रहना दुश्वार है, दुर्गा पूजा, गणेश पूजा, होली, दीपावली जैसे त्यौहार मनाना कठिन है. हिन्दू नेता वोट के लिए टोपी पहन लेता है. इस्लामिक साफा बांध लेता है. रोज़ा अफ्तार की दावत में जाता है, ईद पर सेवई और बकरीद पर मांस खा लेता है, वही नेता वोट के लिए हिन्दुओ का शोषण करता है, सारे नियम कानून हिन्दुओ के लिए हैं, मुसलमान का इस्लाम प्रभावित न हो नहीं तो वोट बैंक बिगड़ जाएगी, अपने ही देश में हिन्दू असुरक्षित है. आप के पास ऐसी तमाम घटनाएँ घटती होगी, जिसे देखकर हम हिन्दू भाइयों का खून खौल उठता है. अपने आस-पास घट रही घटनाओ को हमें इस पते पर भेंजे hindukiawaz@gmail.com , सच्चे हिन्दू बने, रामभक्त हिन्दू बने, देशभक्त हिन्दू बने, सेकुलर कथित हिन्दू नहीं. यदि इस ब्लॉग से जुड़ना है तो नियम अवश्य देंखे. जय श्री राम 

ध्यान दे.... यदि आप इस ब्लाग के लेखक बनते है तो यह माना जायेगा की आप सभी नियमो का पालन करने के लिए सहमत हैं. 
मैं जानता हूँ. आप लोग सोच रहे है की मेरा परिचय क्या है, मेरा परिचय सिर्फ यह है की मैं ऊपर विवरण में आ चूका हिन्दू हूँ. मैं कल से 500 हिन्दू ब्लॉग पर जाऊंगा. यदि उसमे ३०० भी हिन्दू मिले और उपरोक्त विचारो पर सहमत होकर समर्थक बने तो मैं समझूंगा की अभी हिन्दू है भारत माँ के अंचल में.... और उसी दिन मैं आऊंगा सबके सामने..... पहले मुझे हिन्दुओ को खोजना  है. ... देंखे अभी हिन्दू कितने दिलो में  है. .....

38 टिप्‍पणियां:

Lies Destroyer ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
महाशक्ति ने कहा…

बढि़या प्रयास हम आपके साथ है।

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद--मुझे भी जोड सकते हैं- मेरा ई मेल..

drshyam44@gmail.com

हरीश सिंह ने कहा…

मेरे गुमनाम भाई हल्ला बोल साहब आप जिद्दी लगते हैं, एक बार आपका कमेन्ट हटाया तो दूसरा डाल दिया, आपके नियम और शर्ते मैंने देखी आपके ब्लॉग पर अब जो नियम बनाये गए हैं वह आपत्तिजनक नहीं हैं, ऐसे हिन्दुओ की भरमार है हमारे देश में, यदि कोई व्यक्ति हिन्दू है तो वह देशभक्त है, पर उन्ही हिन्दुओ में बहुत से गद्दार भी हैं जो चंद रूपये की खातिर अपना ईमान धर्म सब बेचने को तैयार रहते हैं, देश पर आतंकी हमला कर सैकड़ो लोंगो को मौत की घाट उतरने वाले अजमल कसाब की दामाद की तरह सेवा वोट की लालच में हिन्दू ही कर रहा है. कितने हिन्दू ऐसे हैं जिनके कुकृत्यो की खातिर देश का अमन चैन भी खतरे में पड़ा है. देश आजाद होने के बाद आज भ्रष्टाचार में दुनिया में चौथे नंबर पर है. आज़ादी के बाद मुसलमानों ने नहीं हिन्दुओ ने राज़ किया है. आज हिन्दुओ का हक़ मारा जा रहा है तो उसके लिए मुसलमानों से ज्यादा हिन्दू ही दोषी हैं. जहाँ पर मुसलमान अत्याचार करते हैं. वहा सरकार कड़े कदम क्यों नहीं उठाती. यह सच है गुजरात से अधिक अत्याचार कश्मीर में हो रहा है पर उसके लिए सिर्फ मुसलमान ही दोषी नहीं है. हम सारे मुसलमानों को दोषी नहीं ठहरा सकते. यदि ऐसा होता तो आज जगह-जगह दंगे फसाद हो रहे होते. अशफाक उल्ला खान, वीर अब्दुल हमीद जैसे लोग सच्चे हिन्दुस्तानी और देशभक्त थे. किसी एक के कुकृत्यो के लिए सारे मुसलमान दोषी नहीं हो सकते. आज हिन्दू- हिन्दू ही आपस में लड़ रहा है. दलित वर्ग के लोग बड़ी जातियों को फर्जी मुकदमे हरिजन उत्पीडन एक्ट में फंसा रहे हैं. हल्ला बोलना है तो सभी के खिलाफ बोलिए जो देश व समाज के दुश्मन है. ताकि उनकी मानसिकता बदले और उनमे सुधार आये. आपने मुसलमानों के लिए जो शर्ते रखी है ऐसे मुसलमान देश में हर जगह मिलेंगे.
यदि वास्तव में यह ब्लॉग भगवान राम के आदर्शो और भगवान श्री कृष्ण के प्रेम पर आधारित है तो हम भी उन्ही आदर्शो का पालन करते हैं. सच तो मैं अपने निजी ब्लॉग "डंके की चोट पर" भी लिखता हूँ. चाहे वह हिन्दू के खिलाफ हो चाहे मुस्लिम के. मैं व्यक्तिगत विरोध किसी से नहीं करता पर गलत विचारो का विरोध अवश्य करता हूँ और करता रहूँगा. यदि आपके बनाये नियम सख्ती से लागू रहेंगे तो हमें आपके ब्लॉग से जुड़ने में कोई आपत्ति नहीं है.
पर एक बात का ख्याल आपको भी रखना होगा, जो हिन्दू दिग्भ्रमित है और धर्म के विरुद्ध जा रहे उन्हें समझाए जा सकता है, उनकी गलत फहमी दूर की जा सकती है. धर्म के प्रति निष्ठां व समर्पण उनमे भी आ सकता है. उनकी गलतफहमियों को दूर किया जाय न की उन्हें अपशब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया जाय. जैसा की अभिषेक जी ने टिप्पणी की है कुणाल जी के प्रति. यदि राम के आदर्शो का पालन करना है तो हमें शब्दों पर नियंत्रण रखना होगा.

हरीश सिंह ने कहा…

mera mail yah hai editor.bhadohinews@gmail.com

par dhyan de main niymo ke tahat hi kam karunga.

अमीत तोमर ने कहा…

हिन्दू मुस्लिम का विरोध करे या मुसलमान हिन्दू का विरोध करे इससे कुछ फर्क नही पड़ता क्योंकि अज्ञानी और राजनीती खेलने वाले ही एसा कम करते हें हम सभी एक इश्वर की सन्तान हें एक दुसरे का विरोध करने से क्या मुक्ति मिलजाएगी कभी नही आप लोग अपनी प्राण उर्जा बर्बाद कर रहे हो इससे अछा तो ये होगा की आप लोग ध्यान करो उस परमात्मा को पाने केलिए ( अगर में ये कहूँ की में हिन्दू हु तो क्या मुझे मुक्ति मिलजाएगी या में ये कहूँ की में मुस्लिम हु तो क्या मुझे मुक्ति मिलजाएगी अगर में अपने को मुस्लिम कह्दु तो क्या मुझे मुक्ति नही मिलेगी मुक्ति तो सिर्फ उसी को मिलसकती हे जो इश्वर की सचे मन से भगती करता हे जो इस्वर को अपने भीतर पहचानता हे हमे अपना जन्म एक दुसरे का विरोध करके बर्बाद नही करना चाहिए ये म्हामुर्खों का काम हे और रही देश की बात तो हम सभी को अपने घरों से सुरवात करनी होगी तभी हमारे देश को भ्रष्टाचार से मुक्ति मिल सकती हे

अमीत तोमर ने कहा…

आप इश्वर को किसी एक धरम में केद नही कर सकते इश्वर या अल्हा तो प्रेम रूपी अनन्त सागर हें जिसे सिर्फ एक सच्चा योगी या सच्चा भगत ही जन सकता हे ,

अमीत तोमर ने कहा…

में आपको ये बात बतादूँ की भगवान राम या श्री कृष्ण ने जनम लेने से पहले ये नही सोचा था की में हिन्दू धरम में जनम ले रहा हूँ उस समय कोई धरम नही था सिर्फ एक ही धरम था और वो था इंसानियत का किर्पया ये कह कर इश्वर का मजाक न उडाएं की ( ...5...... हिन्दू धर्म ही है जिसमे पैदा होने का लोभ भगवान भी नहीं रोक पाए) किर्पया इस पंक्ति को हटादें आप इश्वर का अपमान कर रहे हें ये लिख कर उनके लिए क्या हिन्दू क्या मुस्लिम सभी एक ही हें )

बेनामी ने कहा…

अमित तोमर जी
आपकी जानकारी के लिये बता दूँ
सनातन धर्म स्वयं भगवान ने बनाया है और सनातन धर्म मे ही भगवान स्वयं आते है इस धरती पर. जबकि
और धर्म जैसे इस्लाम या इसाई धर्म ये सब कलियुग मे बने धर्म है
और इन्हे इंसानो ने बनाया है.

Lies Destroyer ने कहा…

अमित तोमर जी

ईश्वर एक है यह सच्चाई है,किन्तु जिस मज़हब के द्वारा यह कहा जा रहा है वह मात्र जाल है।वह इस तरह कि
पहले मानो कि ईश्वर एक है।
फ़िर मानो कि कुराआन ही उसका अन्तिम उपदेश है।
फ़िर मानो कि दूसरे सभी धर्मों के उपदेश ग्रंथ भ्रष्ट हो चुके है।
फ़िर मानो कि कुरआन एक दम शुद्ध और सत्य है।
फिर उसके आदेशों को अंधे होकर स्वीकार करो।
कुरआन कहती है अल्लाह एक है और वही इश्वर है और मुहम्मद ही अन्तिम पैगम्बर है। दूसरे धर्म काफिरों के है। काफिरों को खत्म कर इस्लाम फ़ैलाना है।
अब बताइए वेदो में दर्शाए ईश्वर के लिए क्या जगह है।
अन्यथा फिर सौहार्द के नाम पर क्यों न अपने ही हाथों सनातन धर्म की इतिश्री कर दी जाय।

बेनामी ने कहा…

@आप इश्वर को किसी एक धरम में केद नही कर सकते इश्वर या अल्हा तो प्रेम रूपी अनन्त सागर हें जिसे सिर्फ एक सच्चा योगी या सच्चा भगत ही जन सकता हे ,

अमित तोमर योगी जी,

और इस एकता में छुपी बदमाशी को एक सच्चा ज्ञानी ही समझ सकता है।

PARAM ARYA ने कहा…

संघे शक्ति कलयुगे
अलग अलग तो बहुत से हिन्तुत्ववादी तुष्टिकरण का प्रतिकार करते ही आ रहे हैं परन्तु अब सामूहिक प्रतिकार का समय आ गया है.
मेरी पहली पोस्ट ही यह बताने के लिए पर्याप्त है कि मैंने अपने ब्लॉग का आरम्भ किसके उन्मूलन हेतु किया था ?
गद्दार मुसलमानों के शुद्धिकरण के लिए ही 'आर्य समाज' की स्थापना की गयी थी और इसी के वीरों का नाम मात्र आज भी बाबर की औलादों के हाड कंपाने हेतु पर्याप्त है .
इस महान राष्ट्र यज्ञ में आप मुझे भी जोड़ सकते हैं.
vedictoap@gmail.com

हरीश सिंह ने कहा…

अभिषेक जी मैंने जो कहा वह कहानी नहीं है, मेरी एक आदत है मैं कोई काल्पनिक बात नहीं करता और सच कहने में मुझे संकोच भी नहीं है. मैं जो भी कहता हूँ उसे प्रमाणित भी कर सकता हूँ. आपकी बातो से मैं सहमत हूँ. की मोदी को लोग आज तक दोष देते हैं जबकि गुजरात में विकास के लिए जो मोदी ने किया वह आज तक किसी ने भी नहीं किया है. आज वहां पर मुसलमान खुद को सुरक्षित भी समझता है. आज गुजरात में यदि मुसलमान जाकर व्यापार कर रहा है तो वह अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त है. फिर भी लोग गुजरात के नाम पर राजनीती करते हैं. सेकुलर और धर्मनिरपेक्ष जैसे शब्द बकवास हैं इसकी परिभाषा हम आज तक नहीं समझ पाए. हम कहा कहते हैं की आप ५०-६० साल समझाईये. मैं कहता हूँ जो समझने के लिए तैयार हो उसे समझाईये. यदि नहीं समझता तो फिर नतमस्तक होने की आवश्यकता नहीं. हमारा धर्म हमें माफ़ करना, समझाना और वध करना सब सिखाता है.
आप द्वारा की जा रही सार्थक बहस हम भी पसंद करते हैं. निश्चित रूप से इसका कुछ सार्थक परिणाम भी निकलता है. पर कुछ लोग ऐसे है जो आयेंगे गाली-गलौज करेंगे और उनकी हा में हा मिलाओ तो ठीक नहीं तो फूट लो. मेरी व्यक्तिगत सोच है की इस मानसिकता से हम हिन्दू धर्म को कमजोर ही करेंगे.
अभिषेक जी, इस मंच की स्थापना करते वक्त हमने नियम बनाये थे की यहाँ पर धार्मिक मुद्दों पर बहस नहीं होगी. मैं नहीं चाहता की मैं खुद इस नियम को तोडू और हमारे सहयोगी हम पर ही अंगुली उठाये. पर जिस ब्लॉग " हल्ला बोल" को लेकर हमारी बहस शुरू हुई है. उस ब्लॉग का हमने शुरू में विरोध किया था. पर नियम और शर्ते पढने के बाद हम समझते हैं की ऐसी बहस के लिए वह एक सार्थक ब्लॉग है. आगे की बात हम वही करेंगे.

हरीश सिंह ने कहा…

यह मुद्दा हमारा और अभिषेक जी का हमारे ब्लॉग " भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" पर शुरू हुआ था. यदि उन्हें इस मुद्दे पर बहस करनी है तो हम यहाँ पर करना चाहेंगे यदि "हल्ला बोल" को आपति न हो तब.
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अभिषेक जी मैंने जो कहा वह कहानी नहीं है, मेरी एक आदत है मैं कोई काल्पनिक बात नहीं करता और सच कहने में मुझे संकोच भी नहीं है. मैं जो भी कहता हूँ उसे प्रमाणित भी कर सकता हूँ. आपकी बातो से मैं सहमत हूँ. की मोदी को लोग आज तक दोष देते हैं जबकि गुजरात में विकास के लिए जो मोदी ने किया वह आज तक किसी ने भी नहीं किया है. आज वहां पर मुसलमान खुद को सुरक्षित भी समझता है. आज गुजरात में यदि मुसलमान जाकर व्यापार कर रहा है तो वह अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त है. फिर भी लोग गुजरात के नाम पर राजनीती करते हैं. सेकुलर और धर्मनिरपेक्ष जैसे शब्द बकवास हैं इसकी परिभाषा हम आज तक नहीं समझ पाए. हम कहा कहते हैं की आप ५०-६० साल समझाईये. मैं कहता हूँ जो समझने के लिए तैयार हो उसे समझाईये. यदि नहीं समझता तो फिर नतमस्तक होने की आवश्यकता नहीं. हमारा धर्म हमें माफ़ करना, समझाना और वध करना सब सिखाता है.
आप द्वारा की जा रही सार्थक बहस हम भी पसंद करते हैं. निश्चित रूप से इसका कुछ सार्थक परिणाम भी निकलता है. पर कुछ लोग ऐसे है जो आयेंगे गाली-गलौज करेंगे और उनकी हा में हा मिलाओ तो ठीक नहीं तो फूट लो. मेरी व्यक्तिगत सोच है की इस मानसिकता से हम हिन्दू धर्म को कमजोर ही करेंगे.
अभिषेक जी, इस मंच की स्थापना करते वक्त हमने नियम बनाये थे की यहाँ पर धार्मिक मुद्दों पर बहस नहीं होगी. मैं नहीं चाहता की मैं खुद इस नियम को तोडू और हमारे सहयोगी हम पर ही अंगुली उठाये. पर जिस ब्लॉग " हल्ला बोल" को लेकर हमारी बहस शुरू हुई है. उस ब्लॉग का हमने शुरू में विरोध किया था. पर नियम और शर्ते पढने के बाद हम समझते हैं की ऐसी बहस के लिए वह एक सार्थक ब्लॉग है. आगे की बात हम वही करेंगे.

सुज्ञ ने कहा…

यह एक अच्छा और शुभ प्रयास है, साहसिक प्रयास है।
अब कट्टरता या भेदभाववादी ठ्प्पे के भय से हिन्दु का चुप रहना आत्मघाती सिद्ध हो सकता है।
कुसंस्कृतियों की ओर से कुवैचारिक आक्रमण हो रहे है। भले हिंदु आक्रांत न बने पर अपने बचाव अपनी सुसंस्कृति की प्रतिरक्षा का उसे पूरा अधिकार है। सौहार्द का यह आशय नहीं कि हिंदु संसकृति पर प्रहार का आभा खण्डित होने के भय से प्रतिकार ही न किया जाय।
हिन्दु संस्कृति जिसे मैं भारतीय आर्य संस्कृति कहता हूँ उस पर तीन तरफ से आक्रमण हो रहे है।
1-बाहरी कुसंस्कृतियों का वैचारिक भीषण आक्रमण।
2-आन्तरिक सेक्यूलर व वाम का सुनियोजित आक्रमण।
3-आन्तरिक प्रतिलोभी आधुनिकवादीयों का मोहित आक्रमण।

इन विचारधाराओं से संघर्ष की सुनियोजित प्रतिरक्षा प्रणाली इस मंच को स्थापित करनी होगी।

हल्ला बोल ने कहा…

सुन्दर विचार हैं सुग्य जी, हिन्दू कब तक सेकुलर और धर्मनिरपेक्ष बनकर डरता रहेगा. अत्याचार सहना भी जुर्म भी. हमें अपनी आवाज़ बुलंद करनी होगी.

poonam singh ने कहा…

हल्ला बोल का मकसद हमें पसंद आया.. जब आपका आमंत्रण मिला तो हमने सोचा एक और विवादित ब्लॉग की शुरुवात हुयी पर यहाँ पर जो बात की जा रही है. वह एक कटु सत्य है. हमें मान-सम्मान की रक्षा करनी होगी. हिन्दू धर्म की कुछ कुरीतियाँ हमारे ही धर्म के लिए नुकसान दायक है, इन पर भी लिखा जाना चाहिए. हमें लिखने का समय नहीं मिलता. पढने और कमेन्ट करने अवश्य आउंगी.

poonam singh ने कहा…

हल्ला बोल का मकसद हमें पसंद आया.. जब आपका आमंत्रण मिला तो हमने सोचा एक और विवादित ब्लॉग की शुरुवात हुयी पर यहाँ पर जो बात की जा रही है. वह एक कटु सत्य है. हमें मान-सम्मान की रक्षा करनी होगी. हिन्दू धर्म की कुछ कुरीतियाँ हमारे ही धर्म के लिए नुकसान दायक है, इन पर भी लिखा जाना चाहिए. हमें लिखने का समय नहीं मिलता. पढने और कमेन्ट करने अवश्य आउंगी.

कौशलेन्द्र ने कहा…

हल्ला बोल के बेनामी भाई जी ! हमें राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हर व्यक्ति को पहचान कर उनकी एक अलग कौम घोषित करनी होगी....इनमें हिंदूं भी हैं और अन्य धर्मावलम्बी भी. यदि हम राष्ट्रधर्मच्युत हिन्दुओं की अनदेखी करेंगे तो देश का कल्याण नहीं कर सकेंगे. इस्लाम के नाम पर फैला आतंकवाद गलत है तो हिन्दुओं की कूपमंडूकता और नपुंसकता भी गलत है ......हमें सफाई की शुरुआत अपने घर से करनी होगी. धूल हमारे ऊपर आयेगी ...यह स्वाभाविक है. हिन्दी में भी हम विरोध प्रदर्शन या किसी खंडन के लिए मर्यादित और शिष्ट भाषा का प्रयोग कर सकते हैं ...हिन्दी इतनी सशक्त भाषा है कि वह इसमें समर्थ है इसलिए आपके ब्लॉग पर मर्यादित और शिष्ट भाषा में अपना पक्ष रखने वालों को ही प्रवेश देने का मेरा अनुरोध स्वीकार करेंगे ...ऐसी आशा करता हूँ.

कौशलेन्द्र ने कहा…

और आज चलते -चलते एक अनुरोध और ....
भारत का सनातन धर्म एक वैज्ञानिक धर्म है उसकी चर्चा करते समय ऐसे तर्क न रखे जाएँ जो वैज्ञानिक दृष्टि से खरे न उतरते हों. दूसरी बात धर्म और आध्यात्म के अंतर को समझ कर चर्चा की जाय. प्रेम और धर्म ये दो विषय बड़े ही नाजुक हैं ...विवाद की संभावनाएं बहुत होती हैं यहाँ. ध्यान रहे, सनातन धर्म वह धर्म है जो मानव मात्र के लिए सहज स्वीकार्य और सर्वकल्याणकारी है ...यह विश्वमानव धर्म है ....जहां किसी विवाद के लिए कोई स्थान नहीं है क्योंकि यह पूर्ण वैज्ञानिक तत्वों और नियमों से परिपूर्ण है. स्पष्ट कर दूं कि मैं जिस धर्म की बात कर रहा हूँ वह सरकारी नियमावली और सूची में है ही नहीं ...जो है उसके अनुसार मैं एक हिन्दू हूँ (यह लिखना विवशता है )...पर मैं स्वयं को हिन्दू नहीं मानता ....मैं सनातनधर्मी हूँ ...आर्यों का धर्म सनातन धर्म था हिन्दू नहीं . हिन्दू धर्म तो एक सरकारी धर्म है.

गंगाधर ने कहा…

कौशलेन्द्र जी के विचार से सहमत.

Abhi ने कहा…

@हरीशजी
मुझे पता नहीं था आपने हमारे कमेन्ट का उत्तर यहाँ दिया है. आपने कहा उस ब्लाग पर धार्मिक मुद्दों पर बात नहीं करनी है किन्तु आपके उसी ब्लॉग पर कुछ धार्मिक लेख भी लिखे है जैसे
(1).भारतीय मुसलमान,इस्लाम और आतंकवाद..
(2). आलोक मोहन जी आपने सही कहा, बाबा संस्कृति हमारे समाज के लिए अति-घातक है!
और भी लेख हो सकते है किन्तु मैंने और लेख नहीं पढ़े. और इन लेखो पर धार्मिक कमेंट्स भी है. दूसरी बात हमारी बहस इसलिए शुरू हुयी थी क्यूंकि सबसे पहले हल्ला बोल ब्लाग पर आपके उसी ब्लॉग में किसी ने लेख लिखा था की लोग हल्ला बोल में ना जाये क्यूंकि हल्ला बोल ब्लाग कट्टर हिन्दुओ का है. आपके उस ब्लॉग में किसी हिन्दू ब्लाग के लिए क्या ये आपत्ति धार्मिक नहीं थी. किसी दुसरे ब्लाग पर जाने या ना जाने का फैसला लोगो को करने देना चाहिए. वैसे अब बहस का कोई खास मुद्दा नहीं बचा है क्यूंकि आपने मान लिया है की हल्लो बोल ब्लाग में आपत्ति करने लायक कुछ नहीं. धन्यवाद.

blogtaknik ने कहा…

जय जय श्री राम !! मेरे ब्लॉग का नाम है हिंद की आवाज़ और मेरा ईमेल है blogtaknik.blogspot.com आज हिमालय की चोटी से फिर हमने ललकारा है दूर हटो ऐ दुनिया वालो हिंदुस्तान हमारा है.

blogtaknik ने कहा…

blogtaknik@gmail.com

क्रांतिकारी हिन्दोस्तानी देशभक्त ने कहा…

आपका आमंत्रण सविकार्य है परन्तु माफ करना काम कि व्यस्तता के कारण कभी लिखने का भी समय नहीं लगता परन्तु दिलो दिमाग कदमो ताल से सदियों युगों से कट्टर हिंदू हूँ और रहूंगा !
जय हिंद जय भारत

Ankit.....................the real scholar ने कहा…

मुझे इस ब्लॉग में आना है ..मैंने एक बार इ मेल भेजने का प्रयास भी किया था पर्तान्तु वो गयी नहीं
मेरी इ मेल ID ankitcktd@gmail.com है

Rakesh Kumar ने कहा…

कौशलेन्द्र जी के विचारों से मै भी सहमत हूँ.
सनातनधर्म की वैज्ञानिकता की ओर सभी ध्यान दें तो बहुत से भ्रम का स्वयं ही निवारण हों जायेगा.स्वामी विवेकानंद जी ने समस्त विश्व को बिना कोई कट्टरता अपनाए सनातन धर्म की वैज्ञानिकता के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया था जिससे सनातन धर्म को सर्वत्र प्रतिष्ठा प्राप्त हुई.
वैज्ञानिक सोच की ही अति आवश्यकता है,जिसको निष्कपटता से अपनाया जाना चाहिये.फिर चाहे वह किसी भी धर्म,देश,समाज या व्यक्ति से सम्बंधित हों

rakesh gupta ने कहा…

वन्दे मातरम दोस्त,
बढि़या प्रयास हम आपके साथ है.

vikas ने कहा…

ha..amit tomar ji,
shyad aap mere se jyada jante ho,per kanse ko pehle se hi bhvishyavani hui thi,unke vinash ki jo bhagwan shri krishan ko karni thi.

Tab bhagwan paida bhi nahi hui the...
TOh aap Bataiye ki BHagwan ko pata tha ya nahi ki woh hindu k yaha ya musalman k yaha paida ho rahe hei....

कौशलेन्द्र ने कहा…

परम योगी अमित तोमर जी के पुनः शब्द दर्शन नहीं हुए ...कदाचित किसी योग साधना में लीन होंगे.....या फिर यहाँ ईश्वर के तथाकथित अपमान से क्षुब्ध होंगे.
योगी जी ! आप अतिवाद की ओर जा रहे हैं, भारतीय परम्परा में त्रिदेवों का महत्त्व सर्वविदित है. आपकी पाक्षिक आध्यात्म साधना से विष्णु परम्परा का पालन नहीं हो सकेगा. इसलिए आप अपने उपदेशों पर पुनर्विचार करें, गीता में अर्जुन को दिए गए कृष्ण के उपदेश का चिंतन कर पुनः इस ब्लॉग पर प्रकट होने की कृपा करें. इस आमंत्रण का आशय आपके विचारों में ऊर्जा के संचरण की प्रेरणा ही है. ॐ नमो नारायण ! ! !

sandeepan ने कहा…

इस ब्लॉग का नाम होना चाहिए : -
"देश भक्त लोंगो का पहला साझा मंच"
न की देश भक्त हिन्दुओं का पहला साझा मंच !
क्योंकि देश प्रेम एक जज्बा है मनुष्य जाति की गरिमा है !
इसे जात पात के संबोधन से ऊपर रखने से वास्तव में हिन्दुओं को अर्थात हिन्दू उदारवादी निति को अधिक लाभ होगा.

Jai Hindu ने कहा…

Sir Thanks for lot for creating this site.
main kai dino se is thara ki site ko search kar raha tha jaha main apne hindu dharm ke bare main jankari le saku.
my email - vimalrathour.pbt@gmail.com

बेनामी ने कहा…

VIKAS JI
KYA ANSWER LIKHA HAI AAPNE ACCHA LAGA MUJHE!
'JAI SHREE RAM'

सुनील दत्त ने कहा…

आपने नियम व शर्तों के माध्यम से जो मार्गदर्शन किया है उसके लिए आप बधाई के पात्र हैं।

I and god ने कहा…

मेरे विचार से वाही इस ब्लॉग का सदस्य होना चाहिए जो डंके की चोट पर कह सके ,
गर्व से कहो में हिन्दू हूँ.

और यदि मैं हिन्दू नहीं हूँ तो , कम से कम हिन्दू को छोटा नहीं समझता, और उसको नुक्सान पहुचाने की मेरी कोई नियत नहीं है ,

आलोक मोहन ने कहा…

सच है हम अपने मन का रावण कभी नही मारते
मैंने ही ये bharat hindu mahasabha ब्लॉग बनाया था पर सबको admin बनाते समय mai खुद ही डिलीट हो गया
आप से निवेदन है की आप मुझे फिर से जोड़े और admin बनाये
मेरी id है alokmohan12 @gmail .com

आलोक मोहन ने कहा…

सच है हम अपने मन का रावण कभी नही मारते
मैंने ही ये bharat hindu mahasabha ब्लॉग बनाया था पर सबको admin बनाते समय mai खुद ही डिलीट हो गया
आप से निवेदन है की आप मुझे फिर से जोड़े और admin बनाये
मेरी id है alokmohan12 @gmail .com

GYanesh Kumar ने कहा…

कौशलेन्द्र जी,हरीश जी व हल्ला बोल के सम्पादक महोदय
सादर जय श्री राम
बड़ी खुशी हुयी हल्ला बोल नामक यह ब्लाग संगठक देखकर
अपना तो कार्य ही हिन्दु हित की बात सोचना व कार्य रुप मे परिणित करना है।
यह सही है कि पिछले १२००-१३०० वर्षो से भारत का दुर्भाग्य अपना कार्य कर रहा है।जिस काल में हिन्दु की सम्पूर्ण ताकत,वुद्धि व वैज्ञानिकता धरी की धरी रह गयी है।लैकिन आजादी के दीवानों ने वन्देमातरम का गान गा गाकर अपना वलिदान जिस कार्य के लिए किया जो सपना लिए वे लोग शहीद हो गये बाकी लोगों ने अनगिनित यातनाए सहीं जेलें काटी पुलिस की गोलियो व लाठियों के शिकार हुये पर मात्रभूमि के लिए सब कुछ मंजूर किया किन्तु जब मौका आया उसका आनन्द लेने का तो कांग्रेस नाम की संस्था ने सबके हिस्से को छीनते हुये मुसलमानो को सम्पूर्ण भारत ही प्रदान कर दिया।एक भाग को पूर्णतया उसी समय पाकिस्तान बना दिया तथा बाकी भारत को धर्मनिरपेक्ष बनाते हुये मुसलमानों व ईसाईयों को हिन्दु पर अत्याचार करने की खुली छूट दे दी और हिन्दु बरवाद होता रहा। सच है अब कब तक लुटते पिटते रहैगै अब एक होकर लड़ना पडे़गा हम कलम के सिपाही है हमारी तो कलम हिन्दु के लिए चलेगी ही।
कृपया यहाँ क्लिक कर मेरे ब्लाग पर आने का कष्ट करें http://rastradharm.blogspot.इन
दो अन्य आयुर्वेदिक ब्लाग भी हैं।http://ayurvedlight.blogspot.in/
http://ayurvedlight1.blogspot.in/