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हमने हिन्दुस्तान पर 800 साल हुकूमत की है।

उर्दू फारसी पत्र की सत्यप्रति
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                      पैगाम इस्लाम                   30/11/2008


   आप सबको गुजारिश है कि हमने हिन्दुस्तान पर 800 साल हुकूमत की है। अब भी हमारी हुकूमत चलती है पर सीधी तरह से नहीं। सब पार्टियां और इनके काफिर नेता हमारे इशारे पर नाचते हैं। हमको आज मदरसों, मस्जिदों और हज के लिये पैसा मिलता है। यहां भी भाजपा काफिर पार्टी ने भी मुसलमानों के ज्यादा काम किये हैं और आरएसएस के काम बहुत किये हैं क्योंकि उनसे पैसा नही खा सकते। इससे बहुत से निकर वाले भाजपा और आरएसएस से कट गये। 2004 के चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी मगर हमारी पूरी हुकूमत तो तब मानी जायेगी जब पूरा हिन्दुस्तान इस्लाम के झण्डे के नीचे होगा। इसलिये हर मुसलमान का फर्ज है कि खाना जंगी के लिये तैयार रहें। इसके लिये हथियारों के अलावा बम्ब बनाना सीखें और कुरान के 24 आयतें रोज पढ़ें और उसी के मुताबिक काफिरों के मारने, जलाने और धोखे से पकड़ने का काम सरंजाम दें और उनको लूट और उनकी औरतों को भगा कर शादी करें। गोयह सिलसिला 70 साल से चल रहा है। पूरा जोर तब लगायें जब खाना जंगी के लिये आईएसआई और सिमी के लिये हुकुम देंगे। हर मुसलमान को दूसरा कलमा रोज पढ़ना चाहिये। वो यह है- हंस के लिये लिया है पाकिस्तान और लड़के लेंगे हिन्दुस्तान। अगरचे मदरसा  जैल बातों पर आप लोग चल रहे हो फिर भी तबज्जो दें।
1-बिजनौर यू0पी0 फार्मूलाः- यहां पर मुसलमान जवान लड़के हिन्दुओं से दोस्ती करके अपने घर बुलाकर मछली, मुर्गा खिलाते हैं और फिर काफिरों के घर उनकी औरतों से यारी करके फंसाते हैं। ये औरतें मुसलमानों को माल भी खिलाती हैं और पैसा भी देती हैं। बहुत सी काफिर लड़कियों ने मुसलमानों से शादी कर ली है। वाह अल्ला तेरा शुक्र है। औरत को ताज चाहिये न तख्त लौडा चाहिये सख्त।
2-बोतल फार्मूला- गरीब बस्तियों में काफिरों को ज्यादा शराब पिला कर नामर्द बनाओ और उनकी औरतों से ऐश करो। 9 करोड़ चमार वगैरा तो मुसलमानों से मिल चुके हैं और उनकी औरतें तो आराम से मुसलमानों के बगल में आ जाती हैं।
3ः- चोरी डकैती- काफिरों के घरों में धोखा देकर चोरियां करो उनके खेतों की फसल काटो और उनके जानवरों की भी चोरी करो।
4-शहरी फार्मूला-(1)  मुसलमान अकल से काम लें, अपने छोटे लड़कों को काफिरों के घर नौकर रखो और 25/25 बच्चे कैसे पालोगे, 8/10 साल के बाद आपके बच्चे जवान होकर घर की हिन्दू औरतों से दोस्ती करेंगे और ऐश के साथ-साथ पैसा भी खूब मारेंगे।
शहरी फार्मूला-(2) मुसलमान जवान नौकर, ड्राइवर, खानसामा, रोटी पकाने वाला, माली, चैकीदार बन हिन्दू नामों से रहो और मौका मिलते ही उपर वाली बातों पर अमल करें। इसके अलावा उनकी गाड़ियों, स्कूटरों वगैरा भी चोरी कर सकते हैं। ये शहर के इमाम से हर तरह के उस्तादों का पता लग जायेगा। काफिरों को जब पता लगा अपनी औरतों के बारे में पता लगा तो उन्होंने नौकरी से निकालने की कोशिश की तो औरतें ही कहने लगी-अच्छा भला ईमानदारी से काम करता है इसे नौकरी से क्यों निकालते हो। कई बार औरतें मुसलमानों के साथ भाग गईं। कई मुसलमान निकाले जाने के बाद दिन में जब काफिर घर पर नहीं होते आकर ऐश, ईशरत करते हैं। माल खाते हैं और पैसे भी ले जाते हैं। या अल्ला  तेरा शुकर है तूने किसलिये हिन्दू को अंधा बनाकर रखा है, जिसको पैसा कमाने के अलावा कुछ भी नजर नहीं आता। ये इस्लाम की जीत है।
जेहाद- खाना जंगी के जेहाद में यदि मुसलमान शहीद होगा तो उसे जन्नत मिलेगी, अगर जिन्दा बचता है तो हिन्दुस्तान के काफिरों की सारी जायदादें मुसलमानों को मिलेंगी और सारी हिन्दू औरतें भी मिलेंगी तो यह भी जन्नत होगी। जैसे पाकिस्तान, कश्मीर और बांग्लादेश की सब कोठियां बंग्ले मुसलमानों को मिले थे। जेहाद के लिये 2 लाख सीमी के जवान 1 लाख अलकायदा के लिये मुसलमान तैयार हैं। अब हम 20 करोड़ हो गये हैं इसके अलावा 5 करोड़ बंग्लादेशी जिसमें 1 लाख टेररिस्ट हैं। इसलिये घबराने की जरूरत नही है। हिन्दुस्तान की मिलिट्री में भी काफी मुसलमान हैं और बहुत से तो हिन्दू नामों से भर्ती हैं। पुलिस में भी काफी मुसलमान हैं और वक्त आने पर काफिरों को दोजख पहुचायेंगे।
आम हिन्दू लोगों में मुसलमानों के लिय नरम रूख है जिसकी वजह उपर बतायें है हिन्दू औरतों से दोस्ती है। केरल, मद्रास और हैदराबाद में काफी असलाह पाकिस्तान और अरब मुल्कों से आ चुका है। बिहार में चीन और बांग्लादेश से 60 हजार एके-47 आ चुकी हैं। इसलिये लाल किला पर झण्डा जल्दी झूलेगा। अरब मुल्कों में हिन्दू औरतों को नर्स, आया, खाना बनाने वाली बनाकर ज्यादा से जयादा भेजें। अच्छी तनख्वाह के लालच में गरीब व दरम्यान घर की लड़कियां खुशी से जाती हैं और वहां जाकर रात को सारी की सारी अरबों के पास सो जाती हैं और मुसलमानों की आबादी बढ़ाने में काफी मददगार हैं। हिन्दू लड़की से शादी, हिन्दू लड़की जो भगाकर लायी जाये उसे 2 दिन भूखा रखें फिर अच्छा-अच्छा खाना दें। उनकी सतत या खतना जरूर करायें। अगर उसके रिश्तेदार कोर्ट केश करें तो कोर्ट में ले जाने से पहले 50/60 बंदूकों के हथियार दिखायें और खबरदार करें। अगर हमारे खिलाफ बयान दिये तो तेरे भाई और खानदान को भून देंगे। ऐसी लड़की को वश में  करने वाले ताबीज पहनाना न भूलें। ये भी कमाल का काम करता है।
हरियाणा के मुसलमानों का कमाल- गांधी की मेहरबानी से मेवात के मुसलमान पाकिस्तान नही गये थे। पिछले 15 सालों से40 लाख मुसलमान बिहार, यूपी, राजस्थान में आकर बस गये हैं। 70 फीसदी तो हिन्दू नामों से रह रहे हैं और उपर लिखी बाते अच्छी तरह सरजाम दे रहे हैं। पंजाब में भी लाखों मुसलमान पहुंच चुका है। वक्त आने पर ये सब जेहाद के लिये कुरान के मुताबिक काफिरों को दोजख पहुचाने के लिये तैयार हैं। अल्ला हमारे साथ है।
काफिरों का बंटवारा- वैसे तो हिन्दू जांत-पांत में बंटा है आप लोग चमारों के दिमाग में हिन्दुओं के लिये खूब नफरत भरें जिन्होंने इनके उपर सैकड़ों साल जुल्म ढाये। मुसलमानों शाबास। बीएसपी को जीताकर भाजपा को धूल चटाकर दी। अब चमार हिन्दू से खूब बदला ले रहे हैं। तुमने पहले मुलायम सिंह जो एक मुसलमान पहलवान की औलाद है से खूब काम लिया और उसकी गांड भी मारी। अब मायावती से खूब काम निकलवायें। मुसलमानों के काम निकलवाओ और मायावती की दोनों तरफ से मारो। इस्लाम में औरतों के आगे-पीछे का इस्तेमाल करना जायज है।
आसाम और कश्मीर- आसाम और कश्मीर पर तो मुसलमानों का कब्जा हो चुका है।सारे बुतखाने तोड़ दिये गये हैं। महलों व सड़कों का नाम बदलकर जिन्हा रोड व अली रोड कर दिये हैं। आसाम पर भी काफी हद तक मुसलमानों का कब्जा है। काफिरों का कत्ल करके दहशत फैला कर भगाया जा रहा है। इस तरह कश्मीर की तरह हिन्दुओं की जायदाद व औरतें अल्ला की फजल से हम मुसलमानों को मिल रही हैं। सारे हिन्दुस्तान को इस्लाम के झंडे के नीचे लाने के लिये संघ जैल है।
पाकिस्तानी फार्मूला- सन् 1947 में हमारे जवानों ने काफिरों के छोटे-छोटे बच्चे आसमान में उछालकर नैजे व भाले पर लिये थे। इनकी औरतों के साथ 10/10 मुसलमानों ने जिन्हा किया था और अल्हादानी लोहे की नोहर गर्म करके लाल-लाल उनके थनों पर चिपकाई गई थी। कई औरतों के थन काट दिये थे। उनके बच्चों को मारकर पकाकर खिलाया भी था। राजीव गांधी के राज में फार्मूला काश्मीर में आजमाया गया। नतीजा यह निकला कि साढ़े तीन लाख पण्डितों से कश्मीर 2 दिन में खाली हो गया और करोड़ों बल्कि अरबों रूपये की काफिरों की जायदाद पर मुसलमानों का कब्जा हो गया।
जेहाद में औरतों के लिये खास दस्ता- मुसलमान जवान का यह दस्ता स्कूटर कार छोटे ट्रक वगैरा पर हिन्दू देवताओं की फोटों चिपकाकर रखें। ड्राइवर व कंडक्टर हिन्दू वेश में हो। जब अफरा-तफरी फैले तो काफिरों को जिनमें औरतें ज्यादा हों मुसलमान मोहल्लों में भगाकर ले जायें। औरतें को वहां पहुंचा दी जायें। काफिर मर्द और बच्चे मारकर दोजख भेज दें। ये नुस्खा 40 साल पहले अहमदाबाद में आजमाया गया था, उस समय वाई वी चैहान होम मिनिस्टर थे। इसी दस्ते के लिये जयपुर फार्मूला कई साल पहले हमारे मुसलमाना जवानों ने जयपुर में फसाद शुरू किये थे और हिन्दू घरों से व लड़कियों के स्कूलों से उठा ली थी। 6 माह बाद जब 2/3 लड़कियों ने अपने घर खबर भेजी तो खानदान के उन लोगों ने उन लड़कियों को वापस लेने से इन्कार कर दिया। 1948 में जब हिन्दू मिलिट्री, हिन्दू औरतों को निकालकर हिन्दुस्तान लाई तो उनके खानदान वालों ने लेने से इंकार कर दिया। इस वास्ते कुछ ने तो खुदकुशी कर ली। ये सब मुसलमानों के लिये अच्छा हुआ। इसके लिये हिन्दुओं की दाद देनी चाहिये।
मुसलमानों और हिन्दुओं के मरने की निस्बतः- जब पाकिस्तान बना तो एक मुसलमान शहीद हुआ था। काफिर मारे गये थे अब तो बम्बों और एके 47 का  जमाना है, अल्ला ने चाहा तो एक मुसलमान के मारे जाने पर 100 हिन्दू मरेंगे अल्ला हमारे साथ है। मुसलमानों को अल्ला का शुक्रगुजार होना चाहिये कि वो सब भूल गयें अल्ला ने उसका दिमाग बड़ा कमजोर दिया है। इसलिये हमने 800 साल हुकूमत की और इन्सा अल्ला फिर करेंगे। इस बात से साबित होता है कि अल्ला भी चाहता है कि मुसलमानों को हिन्दुस्तान की हुकूमत मिले और हिन्दुओं की औरत को जन्नत मिले। चीन, पाकिस्तान और बंग्लादेश से हथियार व नकली नोट हम मुसलमानों की मदद के लिये अल्ला भिजवा रहा है। हिन्दू अफसर और पुलिस वाले इसी पैसे से अंधे बना दिये जाते हैं। यह खत मस्जिदों में जुमे के रोज सब मुसलमानों को सुनाया जाये। खाना जंगी के वक्त पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश व नेपाल भी हमारी मदद के लिये हिन्दुस्तान पर हमला बोल देंगे। नेपाल में काफी मंदिर तोड़ दिये गये हैं और आईएसआई की मदद से काफी लोग मुसलमान हो गये हैं।
कलावा मोटर साईकिल-मुसलमान जवानों को चाहिये अपने हाथ में कलावा बांध कर अपना नाम बदलकर हिन्दू नाम अपना लें। मोटर साईकिल पर सवार होकर हिन्दू मोहल्ले में कालेजों और स्कूलों के पास खड़े होकर हिन्दू लड़कियों से इश्क लड़ायें। होटलों में भी खुद भी ऐश करें और उनसे काल गर्ल्‍स  का काम लें। इस कमाई से कुछ हिस्सा हथियारों पर खर्च करें। कारों वाले भाई जान भी करें। अरब मुल्कों में इसके लिये काफी पैसा हम तक पहुंच रहा है। 
भाजपा का डर था कि वो कुरान की 24 आयतें कहीं छापकर नहीं बांटे मगर अल्ला की मेहरबानी से वो अंधे हो गये और नहीं बांट सके। अल्ला तेरा शुकर है कि भूल कर भी सिखों को न छेड़ें। ये जालिम होते हैं बल्कि चक्कर चलाकर उनको हिन्दुओं से दूर रखें। 80 साल के ये सिंधी पंजाबी बड़े नेक इंसान हैं, गरीब मुसलमानों की मदद करते हैं। ये मोहल्ला पीर गैब मुरादाबाद यूपी में रहते हैं, मगर भाजपा के जानी दुश्मन हैं। कहते हैं कि भाजपा वालों ने राम मंदिर और हर बात पर हिन्दू की पीठ पर छूरा भोंका। हमारे हिन्दू वाजपेयी की इज्जत करते थे मगर अब तो उसके मुंह पर थूकना भी हिन्दू पाप समझता है। कहते हैं हिन्दुओं को अपनी तवारीख लिखनी चाहिये जिससे 20 वीं सदी के गद्दारे आजम वाजपेयी और आडवाणी हों। 20 वीं सदी के गांडु नेता वाजपेयी और आडवाणी, 20 वीं सदी के सबसे पहले गद्दार व गांडु पार्टी भाजपा है। ये खत किसी हिन्दू को न दिखायें।                 
                                    आपका खादिम
                                    सुलतान मियाँ कटघर          -                                                     मुरादाबाद यू0पी0
      (यह पत्र जिला मेवात, बड़खली चैक से प्राप्त हुआ)

37 टिप्‍पणियां:

कौशलेन्द्र ने कहा…

उर्दू-फारसी पत्र की सत्य प्रतिलिपि किसी सिरफिरे मुसलमान का कारनामा हो सकता है ...तथापि दंगे फैलाने के लिए ऐसे ही कारनामें पर्याप्त होते हैं. इस पत्र के आलोक में मुसलमानों को अपना बयान देना चाहिए. अभद्र भाषा में लिखे गए इस पत्र की वास्तविकता की जांच के लिए पत्र उच्चाधिकारियों को सौंपा जाना चाहिए. यदि यह आम मुसलमानों की आवाज़ है तो हमें सचेत रहना होगा. हमारी जिन कमियों का उल्लेख किया गया है उन्हें दूर करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए ........हम पूरी तरह से इस पत्र की उपेक्षा भी नहीं कर सकते. अपनी कमजोरियों को ही हमें अपनी ताकत बनानी होगी.

बेनामी ने कहा…

कोई भी हिंदू मुस्लिम को अपने घर मे ना घुसने दे

नेहा भाटिया ने कहा…

हो सकता है की यह लोंगो को ऐसा लगे की यह असत्य है पर इसे हम अनदेखा नहीं कर सकते. ऐसी घटनाये देखने को मिलती हैं. हमें सचेत रहना होगा.

बेनामी ने कहा…

यह एक खतरनाक कदम है. इसकी सच्चाई से हमें इंकार नहीं है पर पत्र की ओरिजनल कापी भी प्रकाशित करना चाहिए था. वैसे इस घिनौनी चाल के बारे में हमें पता है.

किलर झपाटा ने कहा…

मुझे तो इस झक्की पत्र की निम्न लाइने बड़ी मजेदार मालुम पड़ीं:-
"अल्ला ने चाहा तो एक मुसलमान के मारे जाने पर 100 हिन्दू मरेंगे अल्ला हमारे साथ है।"
हा हा
अमाँ सुल्तान मियाँ कट्घर,
तेरे अल्ला मियाँ, जिनके आँख, नाक, मुँह हाथ पाँव शरीर जब कुछ भी नहीं है तो दिमाग कहाँ होगा ? और जब वो न होगा तो वो चाहेगा कैसे बे?
अब तुम लोग इन्शा अल्ला, माशा अल्ला, सुभान अल्ला वगैरह के साथ कुछ ऐसे शब्द और बोला करो i.e. झूठा अल्ला, पिटा अल्ला, काम से गया अल्ला, काफ़िरल्ला, झल्ला रहा अल्ला।
हा हा ८०० साल हुकूमत ?
तभी तो अब पिछवाड़े पर अमरीका दे रहा तेल लगा लगा कर।

Neeraj Rohilla ने कहा…

उफ़ इतनी नफ़रत, ईश्वर खैर करे....

vishwajeetsingh ने कहा…

हो सकता है यह पत्र प्रमाणित न हो लेकिन इसमें लिखी अधिकांश बाते प्रमाणित कडवी सच्चाई है जिसे नकारा नहीं जा सकता । हम इस संकिर्ण अरब साम्राज्यवादी जेहादी विचारधारा के दुष्परिणामों को लम्बे समय से झेलते आ रहे है , वर्तमान में भी ऐसी घटनाएँ बहुतायत मेँ देखने को मिलती है । हमें सचेत रहकर अपनी कमजोरियों को दूर करके इसका प्रतिकार करना होगा ।
धर्मो रक्षति रक्षितः
संघे शक्ति सर्वदा ।

Abhishek ने कहा…

इतनी नीचता तो कभी नहीं देखि. भले ही ये ख़त प्रमाणिक न हो किन्तु इसमे लिखी काफी बाते सही है और आस-पास अक्सर देखने को मिलती है.

Swarajya karun ने कहा…

आपने किसी सिरफिरे की इस घटिया और बेजा हरकत की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया .इसके लिए आपको धन्यवाद. जिस किसी ने भी ऐसा पत्र या पर्चा लिखा और छापा है, वह भारत की सामाजिक समरसता का दुश्मन है. ऐसे दुश्मनों से सावधान रहने और उसे बेनकाब करने की ज़रूरत है.

blogtaknik ने कहा…

यह लेख उर्दू फारसी पत्र की सत्यप्रति
से प्राप्त हुआ है

बेनामी ने कहा…

महोदय ये मैटर कहां मिला आपको जहां से मिला हो कम से कम उसका उल्‍लेख आपको करना चाहिये नही तो आपभी किसी न किसी विवाद में फंसे रहेंगे.
राजीव कुमार
9911850406

आशुतोष की कलम ने कहा…

समस्या यही है की हम हिन्दू सेकुलर बनने के चक्कर में लगते हैं प्रमाणिकता का ढोल पीटने..
जो लोग इसका प्रमाण मांग रहे है उनसे कुछ प्रशन

१ ताज महल का क्या प्रमाण है..(अंग्रेजों का इतिहास??)
२ लाल किले का क्या प्रमाण है( औरंगजेब के चमचों का इतिहास)
३ अयोध्या बाबरी का क्या प्रमाण है( तुस्टीकरण का इतिहास)
ये प्रश्न कोई मस्लिम पूछे तो बढियां हैं मगर हम हिन्दू ही उनके तलवे चाटने में लगें हैं..ध्यान दे कोई मुश्लिम यहाँ विरोध में नहीं आया..सबसे बड़े वकील तो हिन्दू ही है..


और एक आखरी बात..अगर ये कोई काल्पनिक लेख भी है तो आप सभी देखेंगे की इसकी हर बात में सत्यता है...

दीर्घतमा ने कहा…

हम बहुत भुलक्कड़ है अपने महापुरुषों की बात को याद नहीं रखते ,दशम गुरु गोविन्द सिंह ने कहा था ----- तुरुक मिताई तब करै जब सबै हिन्दू मरि जाय.----
मुसलमान केवल मुसलमान होता है न तो वह अधिकारी,न ही राज नेता और न ही सामाजिक कार्यकर्ता होता है वह केवल मुसलमान के नाते ही विचार करता है और वह विचार पैशाचिक, मानवता बिरोधी यानी मुहम्मद साहब का विचार यानी कुरान जिसने सारी दुनिया को आतंकबाद की आधी में झोक रक्खा है .

मालिनी गौतम ने कहा…

पत्र जिस किसी भी सिरफिरे ने लिखा हो लेकिन आँखें मूँदकर बैठे हुए हिन्दुओं की आँखें खोलने के लिये पर्याप्त है ....इसमें लिखी बातें हमारे आसपास बड़ी संख्याँ में देखनें को मिलती हैं और इसे इत्तफाक समझकर् दरकिनार नहीं किया जा सकता.....हमें सचेत रहना ही होगा...

PRITHVI RAJ ने कहा…

हल्ला बोल जी
मैने अपनी मेल भेज दी है मुझे सदस्य बनाईये.
मै रोहित के नाम से अभी तक ब्लाग जगत मे टिप्पणी करता था.
अब मै पोस्ट लिखकर अपने विचार जाहिर करुंगा.

abhishek1502 ने कहा…

ख़त प्रमाणिक हो या न हो पर इस में लिखी बातें पूर्णतया सत्य है. आज हिन्दुओ का अस्तित्व खतरे में है . पहले हिन्दू अफगानिस्तान से ले कर पूरे बंगला और वर्मा तक थे आज सिमट कर आधी से भी कम जगह पर है .
इस गाँधी और कांग्रेस ने जो सेकुलर हिन्दू जिन को अपने हिन्दू होने पर शर्म आती हो की जो पैदावार भारत में की है उस की सजा पूरा हिन्दू समाज भुगतेगा . तुष्टिकरण की तो हद ही हो गयी है . एक हिन्दू मरता है तो जैसे कोई जानवर मर गया हो और मुस्लिमो का संसाधनों पर पहला हक़ है .
अभी बरेली के दंगे हिन्दुओ की कई सौ दुकाने और घर जला दिए गए .कई लड़किया अभी तक लापता है और ये मायावती के मुस्लिम मंत्री की शह पर हुआ और वो भी दुबारा .
क्या कोई भी पार्टी हिन्दुओ की भावनाओ के बारे में नही सोचती ??????????????
अगर यही हाल रहा तो हिंदुस्तान का इस्लामीकरण तय है

Dr. shyam gupta ने कहा…

क्या बात है दीर्घतमा जी---बहुत सही कहा...

---वास्तव में जब तक मुस्लिम समाज द्वारा इसका प्रामाणिक खंडन नहीं किया जाता....इसे सचाई ही माना जायगा....

हरीश सिंह ने कहा…

यहाँ पर कई लोंगो के कमेन्ट से सहमत हूँ.बल्कि कहें तो मै सभी के कमेन्ट से सहमत हूँ. ... मेरा एक फार्मूला है मैं उसी पर काम करता हूँ.शब्दों पर नहीं भावो पर ध्यान देना चाहिए. और सबके भाव वही है. यह पत्र झूठा भी हो सकता है. और यदि झूठा है तो कोई मुस्लिम यहाँ सफाई देने क्यों नहीं आया. मैं हमेशा गलत बातों का विरोधी रहा हूँ और रहूँगा. इस पत्र की लिखावट साफ तौर पर किसी मुस्लिम की है. आज अधिकतर हिन्दू अपने ही धर्मशास्त्रो के बारे में नहीं जानते तो कुरान या इस्लाम के बारे में क्या जानेंगे. आज इस पत्र में जो लिखा है, वह मुस्लिमो के प्रति हिन्दुओ की धारणा है. और यही धारणा कम पढ़े लिखे मुसलमान भी रखते हैं. जिसकी वजह से अधिकतर लोग बाबर और लादेन को ही अपना पूर्वज मानते है. उनके हीरो वीर अब्दुल हमीद, कलाम साहब जैसे लोग नहीं है, बल्कि सद्दाम और मुशर्रफ जैसे लोग है, जो कसाब को हीरो बनाता है.
इसके विपरीत कोई भी हिन्दू रावण को अपना हीरो नहीं मानता, जबकि रावण एक उच्चकुलीन ब्राहमण था, पर कोई ब्राह्मन रावण को नहीं बलिक क्षत्रिय कुल में जन्मे मर्यादापुरुसोत्तम श्रीराम को अपना आदर्श मानता है. यादव कुल में गायों के साथ खेलने वाले, अनपढ़ ग्रामीणों के साथ रहने वाले योगदिदेव भगवान श्री कृष्ण को अपना आदर्श मानता है. कोई भी हिन्दू श्री कृष्ण के बालरूप को पूजना चाहता है. रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र की फोटो लगता है, कंस के वध को नहीं, सिर्फ धर्म के नाम पर, जाती के नाम पर हिंसा का समर्थन करने वाला व्यक्ति मेरे लिए निंदनीय है क्योंकि उसे मैं हिन्दू या मुसलमान नहीं मानवता का दुश्मन मानता हूँ. इंसानियत का दुश्मन मानता हूँ. ऐसी बातो को आज लोग कोने में फेंक देते है, ऐसे कागज़ जला दिए जाते है, जो बाते आपस में विद्वेस पैदा करती है, उस बारे में हम चर्चा नहीं करना चाहते, और यह बात भी मुझे बुरी लगती है.
मैं आपको बता दू, मैं अपने किसी परिचित या मित्र से बात करता हूँ तो एक बात साफ कर देता हूँ, भैया मेरी बाते जो भी तुम्हे बुरी लगे वह मुझी से कहना, हो सकता है तूम ग़लतफ़हमी में हो, मैं तुम्हारी ग़लतफ़हमी भी दूर कर सकता हूँ. और अपनी भूल का एहसास हुवा तो माफ़ी भी मांग लूँगा. पर वही बाते लेकर तुम अन्दर ही अन्दर घुटते रहे तो यह खतरनाक भी हो सकता है.
और वह बाते हमारे लिए खतरनाक बन चुकी है, विवाद के नाम पर हम चुप्पी साध लेते हैं. आज़ादी की लड़ाई हमने भले ही साथ लड़ी हो किन्तु देश आजाद होने के साथ टुकडो में बंट गया. और इसी समय हमारे दिल भी बंटे थे जिन्हें जोड़ने का नहीं बल्कि दूर रखने का प्रयास किया गया, जो बातो हमारे दिलो में कचोटती हैं हम उनका जिक्र करने से भी परहेज़ करते है. जब तक हम, खुलकर बात नहीं करेंगे,, हम एक दूसरों को समझा नहीं सकते, गीता अधर्मियों और असत्य को नाश करने की बात कहती है तो कुरान काफिरों को को ख़त्म करने की बात करती है. मेरी निगाह में काफ़िर वह है जो धर्म को न मानता हो, और हिन्दू यह शब्द खुद से जोड़ लेता है. क्योंकि वह काफ़िर यानि धर्मनिरपेक्ष यानि सेकुलर यानि अधर्मी है. यदि सभी हिन्दू मुसलमान धार्मिक हो जाय, अपने धर्म को जान ले ताकि किसी भी धार्मिक सवाल पर हम उचित जवाब दे सके, भारत पाकिस्तान हमेशा बात करते है पर समझौता नहीं हो पता क्योंकि वे एक दूसरे को समझा नहीं पा रहे है. क्योंकि आम जनता भी यही चाहती है, क्योंकि हम जो बाते छोटे स्तर पर नहीं कर पर रहे है वह बड़े स्तर पर कैसे होगी. ऐसी पोस्ट जो भी आती है उस पर मुस्लिम ब्लोगरो को जवाब देना चाहिए, यदि नहीं देते है तो लोंगो के मन में शक बना रहेगा की मुस्लिम इस बात का समर्थन करते है,

बाबर लादेन , पाकिस्तान के अनुयायी है ने कहा…

जैसा कि आप ने लिखा है कि बाबर, लादेन, पाकिस्तान के अनुयायी फालोवर ना बने | लेकिन कुछ एक फालोवर है जो उपरोक्त के अनुयायी है | जैसे सलीम |
सलीम ने तो हिन्दु धर्म के ऊपर ही अंगुली उठा दिया है | अगर कोई मुस्लिम हिन्दुओ के मंदिर में जाता है तो ये सब कुत्तों कि तरह भौकते है | कहता है कि इंसान तो है मगर मुस्लिम नही | इसके पहले कहता है कि मुस्लिम बादे में पहले इंसान है | फिर दोगली बाते शुरू करता है |
इसको तूर्ण निकालना चाहिए |

बेनामी ने कहा…

अल्पसंख्यक होगा तो सजा क्यों होगी... गलतियां माफ भी की जाती हैं...

mahendra srivastava ने कहा…

बहरहाल हिंसा का समर्थन तो कोई धर्म नहीं करता

तीसरी आंख ने कहा…

एक व्यक्ति विशेष का विचार पूरे धर्म का विचार नहीं ठहराया जा सकता

बेनामी ने कहा…

क्यों भाई सलीम पहले क्या थे उससे क्या मतलब अब वे रामभक्त हो गए हैं, देखिये हिन्दुओ के विरोध में कोई लेख नहीं लिखते,
महेंद्र जी हिंसा का समर्थन कोई धर्म नहीं करता तो कश्मीर में क्या हो रहा है, क्या वहा हिंसा हिन्दू करते हैं. हिंसा का समर्थन हिन्दू नहीं करता..
और भाई तीसरी आंख एक व्यक्ति का विचार सबका नहीं हो सकता पर हमारे मुस्लिम भाई इसका विरोध भी क्यों नहीं करते, उनकी वकालत करने हिन्दू भी ही चले आते है.

कौशलेन्द्र ने कहा…

mahendra srivastava ने कहा…
@ बहरहाल हिंसा का समर्थन तो कोई धर्म नहीं करता

पर जो हिंसा हो रही है आपके आसपास वह किसी धर्म के नाम पर ही की जा रही है न कि अधर्म के नाम पर. हम उस धर्म के विशेषज्ञ नहीं हैं इसलिए जब ऐसी हिंसा होती है तो उस धर्म के धर्माधिकारियों को इसका खंडन करना चाहिए ..यदि खंडन नहीं किया जाएगा तो यही समझा जाएगा की हिंसा धर्म के नाम पर ही की जा रही है.

तीसरी आंख ने कहा…

@ एक व्यक्ति विशेष का विचार पूरे धर्म का विचार नहीं ठहराया जा सकता

बिलकुल सही फ़रमाया आपने. अकेले मोहम्मद साहब का विचार पूरे इस्लाम का विचार नहीं हो सकता ....पूरे इस्लाम का विचार वही है जो बहुसंख्य लोगों का है. और बहुसंख्यकों का विचार पूरी दुनिया देख रही है. कमाल है तीसरी आँख जी ! क्या गजब की दृष्टि है आपकी.

आपकी तीसरी आँख के लिए एक और दृष्टांत दे रहा हूँ .अभी पाकिस्तान में हुए फिदायीन हमले में कई भारतीय मुसलमानों ने ७० लोगों के मारे जाने पर हिन्दुस्तान टाइम्स में अपनी प्रतिक्रिया में खुशी जाहिर की थी ... मुम्बई के एक सेक्युलर हिन्दू ने सभी टिप्पणीकारों को लताड़ते हुए फ़रमाया -" शर्म आनी चाहिए आप लोगों को वहाँ पाकिस्तान में लोग मारे जा रहे हैं और आप लोग खुशी मना रहे हैं "

पर ज़नाब हिन्दुस्तान टाइम्स की tippaniyaan padhakar मुझे तो खुशी इस बात की हुयी कि भारतीय raashtravaadee मुसलमान "भारतीय इस्लाम" और "पाकिस्तानी इस्लाम" में fark करना जान gaye हैं.

सुज्ञ ने कहा…

कौशलेन्द्र जी,

क्या कमाल की तर्किक क्षमता पाई है आपनें।

हिंसा का समर्थन तो कोई धर्म नहीं करता तो जो अपने मज़हब के लिये हिंसा की जा रही है वह मज़हब धर्म ही नहीं है।:)

एक व्यक्ति विशेष का विचार पूरे धर्म का विचार नहीं तो बहुसंख्य लोगों की मज़हबी करनी देख लो।:)

Pandit ने कहा…

ये मुसलमान लोग जब तक अल्पसंख्यक रहते है तब तक धर्मनिरपेक्षता की बाते करते है और जैसे ही बहुसंख्यक होते है पाकिस्तान का झंडा गाढ़ने लगते है....कश्मीर इसका सीधा उदहारण है ये तथाकथिक धर्मनिरपेक्ष हिन्दू नेता लोगो को कब समझ में आएगा?

कौशलेन्द्र ने कहा…

आज १४ जून को मुंबई से प्रकाशित नवभारत टाइम्स के मुखपृष्ठ पर ही, गोरखपुर से मुम्बई आने वाली होलीडे स्पेशल ट्रेन में एक नौ वर्ष की ब्राह्मण कन्या के साथ एक मुसलमान द्वारा बलात्कार किये जाने की हृदयविदारक घटना को पढ़कर मन अशांत हो उठा. बलात्कारी को पीड़ित परिवार ने अपनी आरक्षित शैया पर बैठने की अनुमति दे दी थी. उनकी सहृदयता का दुरुपयोग करते हुए रात्रि में अपनी शैया पर सोयी अबोध बच्ची के साथ उस मुसलमान ने अमानवीय कृत्य कर इस घृणित योजना की वास्तविकता पर अपनी मोहर लगा दी है.

vivak ने कहा…

hinustan me hinduo ki sabse badi dushman hi congress hai,jo har mude pr musalmano k sath khadi dikhai deti hai.hindustan ko hindustan banaye rakhne k liye congress ka safaya karna jaruri hai.

Vijay Mahavar ने कहा…

इस पत्र में लिखी गयी सभी बाते १००% सच प्रतीत होती हैं.
अगर आप सावधानी और तेज नजर के साथ किसी मुस्लिम से दोस्ताना सम्बन्ध बनाते हुए उसके दिमाग में झांकेंगे तो उनकी ये असली फितरत का आप आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं. चाहे वह जावेद अख्तर जैसा लेखक हो या कोइ इंजिनीयर मुसलमान, कोई मुल्ला या ड्राइवर या आपकी कोलोनी में साइकल दुरुस्त करनेवाला आम मुसलमान. उसके दिलो-दिमाग में ऐसी ही बाते भरी होती हैं. चाहे वह अन्ना के साथ घूमने वाली इल्मी बहन हो या कोंग्रेस का नेता शकील अहमद या मुलायम का दांया आजम खान या फ़िल्मी सितारा शाहरुख हो.

ऊपर से वह कितना ही शरीफ या सीधा-सादा क्यों ना लगे, उसे पता है कि उसे क्या करना है, किसे वोट देना है, किसकी तारीफ़ और किसकी तौहीन करनी है.
क्योंकि वह इंसान से पहले मुसलमान है. पहले कौम फिर इंसानीयत या देश आता है.
लेकिन इसमे मुसलमानों से ज्यादा दोषी हिन्दू हैं. क्योंकि वही बेवकूफ बनकर मुसलमानों के चालबाजियों का शिकार होते हैं. जात-पांत या प्रांत वाद में बंटे हैं.

raj ने कहा…

हिन्दू लडकिया मुस्लिम के झासो मई क्यों फसती हैं जबकि ऐसी मुस्लिम लडकिया बहुत कम हैं जो हिन्दू से शादी करती हैं

बेनामी ने कहा…

क्योकि हिन्दू लडकियों को ज्यादा आजादी मिलती है

aashiq sony ने कहा…

मे आप लोगो की बात पर सहीमत हूँ
आप लोग सही कहेते हो
मुसलमान भरोसे लाएक नही है

बेनामी ने कहा…

मुस्लिम लड़के जादू-टोना का इस्तेमाल करके हिन्दू लड़कियों को फसते हैं. इसके विपरीत हिन्दू लड़के मुस्लमान की अनपढ़-गंवार लड़कियों को शादी करना या दोस्ती करने से घृणा करते हैं

बेनामी ने कहा…

Tum Jitni Bhi Maa Chudalo Par Tum Hamari Jhaant Ka Baal Bhi Nhi
Ukhaar Sakte Bhosriyo Ke Apni Gand Par Thora Sa Khoon Laga Kar Pahuch Jao Police Ke Paas Ye Letter Lekar Tumhari Population 80%
Hai Par Jub Bhi Tumhari Gand Phatti Hai Or Hamesha Phatti Rahegi
Tum Se Jo kara Jaye Karlo I Challenge You Or Ha Mujhe Pata Hai Ye Comment Dekh Kar Tum Apni Ganvaarpan or Jahalat Ko Certify Zaroor Karoge Par Yahan Comment Karne Se Kuch Nahi Hoga Namardo Agar Karna Hi Hai To Jung Karo Kyu Namrdo Ki Tarah
Comment Hi Karte Rahto Ya To Phir Chooriyan Pahnlo Agar Sacche Hindu Ho To Maidan-E-Jung Mein Aao Jab Pata Chalega Kon Asli Hai Are Tum Namardo Ke Liye To Hum India Ke Hi Muslim Kafi Hai
20% Muslim Hi Tum 80% Par Kaafi Hain Dora Dora Kar Bhaga Denge Kutto Ki Tarah Or Jo Har Gaya Wo Dharm India Chor ke Chala Jayega Bolo Namardo Manzoor Hai

Shahadat Ali Jalandhari ने कहा…

नफरतों के बीज बोओ काटना भी तुम्हे पडेगा तुमारे जैसे दरिंदो सने हमारी मुल्क का भाईचारा खा जाएंगे।

Shahadat Ali Jalandhari ने कहा…

नफरतों के बीज बोओ काटना भी तुम्हे पडेगा तुमारे जैसे दरिंदो सने हमारी मुल्क का भाईचारा खा जाएंगे।

Ashish Singh ने कहा…

अब वक्त आ चूका है इस कटुए नाम की बीमारी को देश में से खदेड़ दिया जाय । इनकी औरतो को अपनी रखेल बनायेंगे हम लोग बस अब हमे एकता बनानी पड़ेगी। अब पुरे देश को गुजरात और मुज्ज़फ्र्नगर बनाना पड़ेगा। कटुए की औलादों में सिर्फ गद्दारी बहती है और कुछ ना। इन्हें तो गीदड़ कहना भी गीदड़ की बेईज्ज़ती होगी । साले भोसड़ा के चूत के पिसू सूअर है इनकी गांड फाड़ना जरूरी है।