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हिँदूओ की निष्क्रियता का दुष्परिणाम

कहते है न जब किसी को उंगली पकड़कर सहारा दो तो वो उसका नाजायज फायदा उठा के हाथ के सहारे सर पे चढ़ जाता है.
यही हाल मुसलमानो का है. सभी मुस्लिम संगठनो देवबंद, जमीयत ए उलेमा आदि ने मिलकर प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से मुलाकात की और मुस्लिम आरक्षण जल्द लागू करने की माँग की .साथ ही उन्होने कहा
कि इसके लिये बड़े स्तर पर जेल भरो आंदोलन भी किया जायेगा.
उन्होने सभी मुसलमानो से कहा कि वो चुनावो मे उसी को वोट दे जो पार्टी उनको शिक्षा , नौकरी आदि मे आरक्षण देने का वादा करे.

इन संगठनो द्वारा इस सविधान विरोधी माँग को रखने की हिम्मत अचानक ही नही आ गयी.
बल्कि ये वोट की लालची सेकुलर सरकारो द्धारा सालो से इनको हडडी डालने का परिणाम है.
और फिर करोड़ो बांग्लादेशी मुसलमान( जिनको वोट की लालची इस सरकार ने यहाँ की नागरिकता प्रदान कर दी है ) को मिलाकर इनकी संख्या इतनी हो गयी है कि सरकार बनाने मे इनकी मुख्य भूमिका है. साथ ही इनका संगठित होना भी इनकी एक मुख्य शक्ति है. इसलिये ये आराम से किसी भी सरकार को ब्लैक मैल कर सकते है.

इन मुल्लो की हिम्मत बड़ने का एक कारण ये भी है इन्हे ये अच्छी तरह से पता है कि हिँदु नाम की कौम बिखरी हुयी है और हमेशा सोयी हुयी रहती है. उसे किसी बात पर कोई आपत्ति नही होती.
उसको त्याग और सहिष्णुता का इतिहास पढ़ा पढ़ा कर त्यागी बना दिया गया है.

इन मुल्लो की हिम्मत ये देखकर और बढ़ गयी कि इनको हज जाने के लिये सब्सिडी दी जा रही है और हिन्दुओ को अमरनाथ यात्रा के लिये टैक्स देना पड़ता है.

इन मुल्लो की हिम्मत इसलिये इतनी बढ़ गयी कि इन्होने देखा कि इनके वोटो की लालची सरकार ने इनकी नाराजगी की वजह से आज तक अफजल गुरु को फासी नही दी.

साथ ही ये मुल्ले ये देखते ही रहते है कि आये दिन दिग्गी जैसे चिरकुट हिँदुओ को कोसा करते है और हिँदु कुछ भी नही बोलते.


इतना सब देखने के बाद इन मुल्लो को पूरा विश्वास है कि ये वोट बैँक की लालची सरकार इनकी इस सविधान विरोधी मांग को भी मांग लेगी और हिँदू हमेशा की तरह चुप रहेगा.

लेकिन मै इन मुल्लो को बता देना चाहता हू.
कि मुस्लिमो को आरक्षण किसी भी कीमत पे नही दिया जायेगा .चाहे जितना भी हाथ पैर मार लो.

और अगर इस विदेशी सरकार ने वोट बैँक के लालच मे इस संविधान विरोधी मांग को लागू करने की जुर्रत की .और हिँदुओ का हक मारने की कोशिश की . तो सरकार कैसे उखाड़ के फेकी जाती है हिँदू जनता को अच्छी तरह आता है.
जैसे कुम्भकर्ण ने जागने के बाद तबाही मचा दी थी वैसे ही ये सोयी हुयी हिँदु जनता जागने के बाद ऐसी तबाही मचायेगी की कांग्रेस का महाविनाश हो जायेगा.

9 टिप्‍पणियां:

कौशलेन्द्र ने कहा…

आरक्षण एक बड़ी अच्छी व्यवस्था है .....केवल एक साइड इफेक्ट (योग्य के अधिकार का हनन और प्रतिभा का दलन ) के अतिरिक्त बाकी सब लाभ ही लाभ हैं इसमें. पूरे देश को रिजर्व कोटे वालों से यदि भर नहीं दिया जाएगा तो शासन करने के लिए कच्चा माल (अव्यवस्था और अराजकता ) कहाँ से मिलेगा ? इसलिए मुसलमानों सहित अन्य आयातित धर्मावलम्बियों को भी भारत में आरक्षण मिलना ही चाहिए ...शत प्रतिशत आरक्षण . सभी राजनीतिक और शासकीय पदों पर केवल मुस्लिमों और क्रिश्चियन लोगों का ही अधिकारपूर्ण आरक्षण होना चाहिए ...आखिर वे इस देश के मूल निवासी हैं इनके पूर्वजों ने अपने त्याग और रक्त से इस देश को सींचा है .....इस देश को संस्कारवान बनाया है. हिन्दू तो माइनर एशिया से आकर यहाँ बसने वाले विदेशी हैं .....नोमैड्स कहीं के . इन्हें तो भारत से भगा देना चाहिए. हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि यह देश मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप दिया जाना चाहिए क्योंकि भारत सरकार में बैठे एशिया माइनर से आये विदेशी हिन्दुओं में शासन करने का विवेक और क्षमता समाप्त हो गयी है ...उन्हें अपनी अयोग्यता, अक्षमता और नपुंसकता को स्वीकार करते हुए अविलम्ब मुस्लिम और इसाई हित में यह कदम उठाना चाहिए. यदि वे ऐसा करते हैं तो उनका ज़न्नत का रिजर्वेशन पक्का मानिए ...वहाँ उन्हें स्पेशियल हूरें दी जायेंगी. ....तो भारत के नेताओं ! अब विलम्ब केहि काज ? टूट पड़िये ....मौके का फ़ायदा उठाइये ........हूरें आपके इंतज़ार में हैं

आशुतोष की कलम ने कहा…

कौशलेन्द्र जी ने अच्छा समझा दिया..

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

वाह कौशलेन्द्र जी, आपने तो एक वार में सारा काम तमाम कर दिया है,

blogtaknik ने कहा…

कौशलेन्द्रजी वंदे मातरम
आपकी कमेंट्स भी एक स्वतंत्र पोस्ट ही है मुझे लगता है कि आपकी कमेंट्स का कलेक्सन बनाना चाहिए. आपकी सोच और लेखनी मुजे काफी प्रभावित करती है. जय हिंद जय भारत

Rakesh Singh - राकेश सिंह ने कहा…

"जैसे कुम्भकर्ण ने जागने के बाद तबाही मचा दी थी वैसे ही ये सोयी हुयी हिँदु जनता जागने के बाद ऐसी तबाही मचायेगी की कांग्रेस का महाविनाश हो जायेगा." - इसकी संभावना क्षीण सी है .

जब अपने घर में एका नहीं तो बाहरवाले घर लूटेंगे ही !!!

पृथ्वीराज ने कहा…

भाई राकेश सिँह जी
आपने सही कहा कि संभावना क्षीण सी लगती है.लेकिन संभावना खत्म नही हुयी.
कुम्भकर्ण भी इतनी आसानी से नही जागा था.
उसको जगाने के लिये ढोल नगाड़े बजाये गये .
हजारो लीटर पानी उसके मुहँ पर डाला गया. तब वो जागा.

ऐसा ही काम कुम्भकर्णी नीँद मे सो रहे हिँदुओ को जगाने के लिये करना पड़ेगा.

ये वो ही जनता है जिसने राम मंदिर आन्दोलन के बाद बीजेपी को सत्ता मे पहुचाया था.

Er. Diwas Dinesh Gaur ने कहा…

कांग्रेस का महाविनाश...कितना अच्छा हो कि यह जल्द ही हो जाए...
सच ही है, यदि हिन्दू इसी प्रकार सोता रहा तो इस देश में उसके लिए जीना भी मुश्किल हो जाएगा...

कौशलेन्द्र ने कहा…

ब्लॉग तकनीक जी ! यदि आपको ऐसा लगता है कि ऐसा करना उपयोगी हो सकता है तो संकलन किया जा सकता है. मैंने तो अभी तक ऐसा कोई संकलन किया नहीं है.......पर अब सोचता हूँ कि कुछ लेखों और कविताओं का संकलन किया जाना चाहिए ....इस कार्य में बहुत पीछे हूँ.

Ankit.....................the real scholar ने कहा…

अब तो एक नया कानून आ रहा हिया जीमे दंगों में सजा केवल हिन्दुओं को ही मिलेगी मुसलमानों को नहीं