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सागर में लादेन दफन, विरोध में पढ़ा गया नमाज-ए-जनाजा


क्या कोई मुश्लिम बंधू  बताएगा की वो ओसामा को अपनी जमात का और धर्म का मानते हैं???
अगर नहीं तो ये क्या है??
आशुतोष  

Source: भास्कर न्यूज   |


















श्रीनगर। हुर्रियत कांफ्रेंस के चेयरमैन सईद अली शाह गिलानी के आह्वान पर कश्मीर
में लोगों ने शुक्रवार को ओसामा बिन लादेन की गैबाना नमाज-ए-जनाजा पढ़ी। 
नमाज के बाद कुछ युवकों ने पुलिस पर पथराव भी किया।

जुमे की नमाज के बाद बटमालू क्षेत्र में गिलानी के नेतृत्व में नमाज-ए-जनाजा 
पढ़ी गई। गिलानी ने कहा कि ओसामा के शव को समुंद्र में दफनाने से विश्व भर 
के मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं।

गिलानी ने कहा कि ओसामा को इस तरह से दफनाए जाने के विरोध में ही
शव की गैर मौजूदगी में नमाज-ए-जनाजा पढ़ी गई। हुर्रियत नेता ने
पाकिस्तान की सलामती और शांति के लिए भी प्रार्थना की।

इस मौके पर गिलानी ने फिर दोहराया कि भारत तथा पाकिस्तान में शांति

तभी संभव है, जब कश्मीरियों को जनमत संग्रह का हक दिया जाए। 



वहीं जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के श्रीनगर विंग में भी नमाजे-ए-जनाजा 
पढ़े जाने का समाचार है।

डीआईजी ने बताया कि नमाज के बाद गिलानी के जाते ही कुछ युवाओं ने
पथराव किया। हालांकि इससे किसी के भी घायल होने का समाचार
नहीं है। मीर के अनुसार बांडीपोरा तथा बड़गाम में भी पथराव होने की जानकारी मिली है।


Source: thatshindi.oneindia.
दुनिया के सबसे बड़े आतंकी संगठन का सरगना और अमेरिका का दुश्मन नंबर एक 
ओसामा बिन लादेन को मार दिया गया है। 2001 में व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद से अमेरिका 
ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा था। पूरी दुनिया में सबसे बड़ा आतंकी ओसामा बिन लादेन
 आतंकवाद का पर्याय बन चुका था। जिसने जेहाद का नारा देकर पूरी दुनिया में दहशत का माहौल
पैदा किया। तो फिर अब ऐसा क्‍यों हो रहा है कि लादेन की मौत के बाद पुरी दुनिया में इसके समर्थन
 को लेकर सभाएं की जा रही हैं। आपको सुनकर हैरत होगी कि भारत के बड़े मस्जिदों में 
लादेन की आत्‍मा की शांति के लिये नमाज-ए-जनाजा अता की गई। 

कोलकाता के टीपू सुल्‍तान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना नूरूर रहमान बरकती ने लादेन की 

आत्‍मा की शांति के लिये विशेष नमाज अता की। इसमें देश्‍ा के कई राज्‍यों से आये ऑल 
इंडिया अल्पसंख्यक फोरम के सदस्‍यों ने भाग लिया। चेन्‍नई में भी लादेन की आत्‍मा की शांति के 
लिये नमाज अता करने की बात को लेकर वकालत की गई। उततर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 
तो अलग ही माजरा रहा। नमाज अता करने की तैयारी हो चुकी थी मगर उनके समुदाय के ही कुछ 
लोगों ने ऐसा करने से मना कर दिया। 

उनका कहना था कि ऐसा करने से कानून व्‍यवस्‍था में दिक्‍कत पैदा हो सकती है। हैदराबाद में भी

 लादेन के लिये विशेष नमाज अदा की गई मालूम हो कि लादेन की मौत ने भारत के कई इलाकों 
में संप्रदायिक और रालनीतिक रूप ले लिया है। श्रीनगर में लादेन के समर्थन में नारेबाजी की गई और 
उसे ‘शहीद’ करार दिया गया। एक अज्ञात नकाबपोश युवक ने कहा, ‘हम यहां पर ओसामा के लिए
 प्रार्थना करने जमा हुए हैं। अमेरिका उसे आतंकवादी बता रहा है लेकिन वास्तव में वह एक 
अच्छा आदमी था। वह आतंकवादी नहीं था। गौरतलब है कि इस पूरे मुद्दे को सबसे पहले 
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा हवा दी गई थी।

13 टिप्‍पणियां:

rubi sinha ने कहा…

मुसलमानों की यही बाते दुनिया से अलग कर देते हैं उन्हें, देखा जय तो यह लोग भी कह देते हैं की आतंकवादियों की कोई जाती नहीं नहीं होती पर यह सब क्या है. ऐसे मुसलमान ओसामा बिन लादेन का नहीं बल्कि आतंकवाद का समर्थन करते हैं. आतंकवादी या अपराधी दोषी तो है ही पर जो मुसलमान उसके मौत पर अफ़सोस कर रहे है वे भी दोषी हैं. और सबसे बड़ी दोषी हमारी सरकार और उसका साथ देने वाले हिन्दू दोषी हैं. जो अपने ही भाइयों के खून से राजनीती करते हैं, कम से कम इस्लाम के मानने वाले अपने धर्म के प्रति समर्पित तो हैं.

rubi sinha ने कहा…

यहाँ कोई मुसलमान जवाब देने नहीं आएगा,

गंगाधर ने कहा…

यही हैं सच्चा इस्लाम, इस्लाम के नाम पर खून खराबा करना इनका धर्म है. यह तो पूरे विश्व में इस्लामिक झंडा देखना चाहते हैं. और हमारे सेकुलर स्वान = कुत्तो से भी गए गुजरे हैं हरामखोर.

गंगाधर ने कहा…

औकात है तो इनके ऊपर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाये सर्कार, पर नहीं वोट नहीं बिगड़ जायेगा.

नेहा भाटिया ने कहा…

यहाँ पर कोई मुस्लमान बोलने नहीं आएगा, वह ओसामा की मौत का मातम मना रहा है.

कौशलेन्द्र ने कहा…

रूबी सिन्हा के कथन को मिथ्या प्रमाणित करने के लिए भारत में रहने वाले इस्लाम के सच्चे पहरेदारों को सामने आना चाहिए...यदि वे नहीं आते हैं तो यह प्रमाणित माना जाएगा की इस्लाम का आतंक से गहरा नाता है. शर्म आना चाहिए उन भारतीयों को जो देश और सम्पूर्ण मानवता के शत्रु की मृत्यु पर शोक मना रहे हैं और उसे सच्चे मुसलमान होने का प्रमाणपत्र प्रदान कर रहे हैं. कभी-कभी बड़े ही संवेदनशील समय में प्रकृति हमारी परीक्षा लेती है. भारतीय मुसलमानों का एक बड़ा समूह इस परीक्षा में असफल हुआ है .......यह केवल सनातन धर्मी समाज ही है जो रावण वध पर त्रेता युग से लेकर अब तक निरंतर प्रसन्नता व्यक्त करता आ रहा है .......यदि भारतीय मुसलमान आतंक विरोधी हैं तो उन्हें आदरणीय फौजिया रियाज़ की तरह खुल कर सामने आना चाहिए था न कि ओसामावध के सुअवसर पर शोक व्यक्त करने और नमाज़ पढ़ने का देश व्यापी सिलसिला शुरू करना चाहिए था. देश और मानवता के शत्रु को सम्मानित मुसलमान का दर्ज़ा देना राष्ट्रद्रोह का स्पष्ट परिचायक है. अभी भी समय है कि मुसलमान सामने आयें और अपनी स्थिति स्पष्ट करें ...अन्यथा हिन्दू -मुसलमान के बीच की खाई को पाटना और भी मुश्किल हो जाएगा. उन्हें हिन्दुओं को अपने विश्वास में लेना ही होगा . और जहाँ तक हिन्दुओं की विश्वसनीयता का प्रश्न है ....हम फौजिया रियाज़ को सर आँखों पर रख कर सिद्ध कर चुके हैं. इस देश को फौजिया जैसे मुसलमानों पर नाज़ है. देश के एक जागरूक नागरिक होने के नाते यदि हम अधर्मी हिन्दुओं की निंदा कर सकते हैं तो अधर्मी मुसलमानों की क्यों नहीं कर सकते ? ओसामावध पर शोक मनाने वालों की हम घोर निंदा करते हैं और उन्हें राष्ट्रद्रोही और मानवताद्रोही ही नहीं बल्कि विश्वद्रोही करार देते हैं.

सुज्ञ ने कहा…

अरे पीटने दो छातियां, इनका असल मालिक चला गया। इसी बहाने पता तो चले कि यह किस मानसिकता के है।

किलर झपाटा ने कहा…

वैसे गुरू ओसामा था एक अच्छा आदमी। कम से अमरीका जैसे दुष्ट देश को इतना पदाया तो सही। अमरीका जो भारत पाकिस्तान को लड़वा लड़वा कर अपने हथियारों का बाजार चमकाए पड़ा है, को कोई तो मिला जिसने नाकों चने बिनवा दिये। हा हा

Man ने कहा…

ye he inki asliyat

बेनामी ने कहा…

kutte ki aulad to bhunkenge hi.

बेनामी ने कहा…

ये कोई नयी बात नहीं है
महमूद गजनी, चंगेज खान, अहमद शाह अब्दाली, बाबर, औरंगजेब....दाउद इब्राहीम ... ओसामा बिन लादेन ..... बहुत लम्बी श्रंखला है
हर वो मुसलमान जिसने गैर मुस्लिमों पर अत्याचार किया हो, जो इंसानियत का दुश्मन हो वो इस्लाम जगत में नायक के तौर पे देखा जाता है
इस कौम को समझाया नहीं जा सकता
जब तक कुरान रहेगी तब तक आतंकवाद रहेगा

बेनामी ने कहा…

सही बात गैर मुस्लिमो पर अत्याचार करने वाला मुसलमानों का नायक होता है.

Er. Diwas Dinesh Gaur ने कहा…

सही कहा आपने...अब इतना कुछ होने के बाद भी गिलानी को पुचकारना एकदम गलत है और इसके लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है...उखाड़ फेंको इस देश द्रोही सरकार को और नस्ल ख़त्म कर दो कांग्रेस की...