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निरीह जानवरों पर अत्याचार आधुनिकता के दिखावे के लिए


इस पोस्ट को लगाने का अभिप्राय सिर्फ इतना ही है की कृपया चमड़े से बनी बस्तुओं का कम से कम इस्तेमाल करें जिससे निरीह जीवों पर हो रहा अत्याचार कुछ कम करने में हम सब योगदान दे सकें..

4 टिप्‍पणियां:

पृथ्वीराज ने कहा…

ये तो मालूम था कि कलियुग मे इंसान राक्षस बन जायेँगे.
लेकिन इतनी जल्दी बन जायेँगे ये नही मालूम था.
अभी केवल पाँच हजार साल हुये है तब ये हाल है.
अभी चार लाख सताइस हजार साल बाकि है.
आगे की भयावहता की कल्पना करके मन बहुत व्यथित हो गया है.
राक्षसो का अंत जरुरी है.

Er. Diwas Dinesh Gaur ने कहा…

ते सब सच में बहुत घिनोना कार्य है...इसका तो बहिष्कार करना चाहिए...

ZEAL ने कहा…

अत्यंत व्यथित कर देने वाले चित्र। बहुत अच्छा किया जो आपने इन्हें यहाँ लगाया। बहुत से लोगों की आँखें खुलेंगी।

हरीश सिंह ने कहा…

हम जीवो को नहीं प्रकृति को नष्ट कर रहे है जिसका परिणाम हमें भुगतना होगा, शायद भुगत भी रहे होंगे. यदि यह नहीं रुका तो पृथ्वी का विनाश निश्चित हैं.