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क्या ऐसे ही होने चाहिए भारतीय मुसलमान ...?

मित्रो मैं आज अपना सामुदायिक ब्लॉग "भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" पढ़ रहा था. वहा पर हमारे ब्लोगर भाई "अनवर जमाल खान साहब " की पोस्ट दिखाई दी, उन्होंने किसी अज़ीज़ बर्नी जी का ख़त लगाया था. और लिंक दिया था. अनवर भाई अज़ीज़ बर्नी मैंने इसलिए लिखा क्योंकि मैं उनकी शख्सियत से वाकिफ नहीं हूँ. आप कौन से अज़ीज़ बर्नी का लेख दिखाए हैं, मैं जिस बर्नी साहब को समझ रहा हूँ उनकी मैं बहुत इज्ज़त करता हूँ. 
दोस्तों यह पोस्ट मैं यहाँ लगा रहा हूँ. इस सोच के साथ की भारत में रहने वाले सभी मुसलमानों की सोच ऐसी ही होनी चाहिए. मैं सही हूँ या गलत इसका फैसला आपके कमेन्ट करेंगे.... 

4 टिप्‍पणियां:

कौशलेन्द्र ने कहा…

अज़ीज़ बर्नी साहब ने जो लिखा वह समय का तकाजा है....दुनिया के सारे अमन पसंद मुसलमानों को अज़ीज़ साहब का खुल कर समर्थन करना चाहिए. मैं भी इन्हें नहीं जानता. पर ये जो भी हों इन्होने काम तो काबिले तारीफ़ किया है. आशा है कि लोग बर्नी साहब की भावना को समझेंगे ...खासकर वे लोग जिन्होंने ओसामा वध के गम में नमाज़ ज़नाज़ा अदा की.

हरीश सिंह ने कहा…

कौशलेन्द्र जी, यह बर्नी साहब सहारा उर्दू के ग्रुप एडिटर हैं. मैं इनकी वेब साईट पर जाकर कई लेख पढ़े, पर विचारो में भिन्नता देखी, क्या एक ही सोच पर मुसलमान कायम नहीं रह सकता. कैसे विश्वास किया जाये इन पर.. आप लोग भी देंखे. http://www.azizburney.com

आशुतोष की कलम ने कहा…

असीमानंद
कर्नल पुरोहित
साध्वी प्रज्ञान ठाकुर...
वीरों को सत सत नमन..
बाकि इस लेख पर टिपण्णी अन्य लोगों पर छोड़ता हूँ..

rubi sinha ने कहा…

मुसलमान ऐसे होने चाहिए पर कथनी और करनी में अंतर भी तो है,