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आधी रात में .....त्वरित टिप्पणी


इस लोकतंत्र में कैसी ये तानाशाही है 
एक जलियाँ वाला बाग़ देखो दिल्ली में भी है /

सालों से चिल्लाते आये तब क्यों सोये थे 
अनशन पर जब बैठ गए तो सब घबड़ाए हैं /

सुनते हैं सत्याग्रह को अंग्रेज कुचलते थे 
आजाद देश में अपने ही, अब लोग कुचलते हैं /

सन सत्तावन की सेना में सब लोग हमारे थे 
सन ग्यारह की इस पुलिस में देखो सभी पराये हैं / 

आजाद हुआ था देश कभी ये आधी रात में 
छीन लिया अपनों ने फिर से आधी रात में /


8 टिप्‍पणियां:

drshyam ने कहा…

sahee kahaa....

--yah desh raakshason ke samay aadee raat ko aazaad huaa ....sabhee kaary ulate horahe hain....

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

्दुर्भाग्यपूर्ण घटना आजाद भारत के लिये..

सुज्ञ ने कहा…

लगता है शासन अंग्रेजो का है या फिर उनका जिन्हें वे छोड़ गये है।

आशुतोष की कलम ने कहा…

एक बार फिर शिव त्रिनेत्र को,प्रलय रूप खुल जाने दो
एक बार फिर महाकाल बन इन कुत्तों को तो मिटाने दो..
एक बार रघुपति राघव छोड़ , सावरकर को गाने दो...
एक बार फिर रामदेव को, दुर्वासा बन जाने दो...



"आशुतोष नाथ तिवारी"

गंगाधर ने कहा…

अंग्रेज चले गए पर अपनी औलाद छोड़ गए हैं जनाब , फिर भी हिन्दू कायर बना है.

blogtaknik ने कहा…

बाबा के मौत की साज़िश?

सबसे पहला प्रश्न, ये कार्यवाही रात में क्यों की गयी?
दूसरा सवाल, पुरे रामलीला मैदान की बिजली क्यों कट दी गयी?
तीसरा सवाल, पुलिस की इतनी ज्यादा संख्या इतने कम समय में कैसे उपलब्ध हो गयी?
चौथा सवाल, पुलिस ने क्यों सोये हुए लोगो को जगा जगा कर भगदड़ मचने के लिए मजबूर किया?
पांचवा सवाल, मंच पर आग क्यों लगाई जाती है?

सरकार की साज़िश थी की लोग भगदड़ मचाये और पुलिस बाबा को मार कर भीड़ में छोड़ दे और बाद में बोले के भगदड़ के कारण बाबा की मौत हो गयी और बाबा के समर्थको की भीड़ की भगदड़ ही बाबा के मौत का कारण है.. ऐसे करके कांग्रेस की रणनीति थी की सांप भी मर जाये और लाठी भी न टूटे. लोग चार दिन गुस्से में रहेंगे फिर भूल जायेंगे..... जवाब दो प्रधान मंत्री