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चोरी और सीना जोरी .....ड़ा श्याम गुप्त....




....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...

क्या इसे ही कहते हैं ...चोरी और सीना जोरी ....देखिये और पढ़िए खुशवंत सिंह का यह वक्तव्य......असेम्बली कांड में भगत सिंह आदि के विरुद्ध गवाही देकर देश व भारतीयता के विरुद्ध व अंग्रेजों की सहायता करने वाले देश-द्रोही शोभा सिंह (खुशवंत सिंह के पिता ) की ....देश द्रोहिता को सच सिर्फ सच ....के परदे में छिपाकर अपराध से बचकर निकलना ......ऐसे देशद्रोही परिवार को क्यों भारत सरकार इतना प्रश्रय देरही है...क्यों ये पत्रिकाएं महत्त्व देते हैं......ऐसे परिवारों के न जाने कितने लोग आजसेक्यूलरों, पत्रकारों, साहित्यकारों व नेताओं के रूप में छुपे बैठे हैं?????? 

राज हठ , लोकपाल बिल और अन्ना....ड़ा श्याम गुप्त....

....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...

तीन प्रकार की हठ प्रसिद्ध हैं-----राज हठ , त्रिया हठ, हम्मीर हठ ..... कैकेयी , शूर्पणखा व सीता की त्रिया हठ व रावण की राज हठ --त्रेता के युद्ध का कारण बनी ; कंस, दुर्योधन की राज हठ व द्रौपदी की त्रिया हठ महाभारत का -----हम्मीर हठ मूलतया व्यक्तिगत हठ है जिसमें सत्य के आग्रह पर दृढ रहने में व्यक्ति स्वयं को भी न्योछावर करने को तैयार रहता है |
परन्तु यदि सोचा जाय कि यदि इन तीनों हठ में आपस में ही टकराव सहयोग हो तो क्या हो सकता है .... आज लोकपाल बिल के विषय पर ...केन्द्रीय सरकार की राज हठ धर्मिता सभी को ज्ञात होरही है जिसके समर्थन में 'सोनिया गांधी' की त्रिया हठ भी शामिल है .....अब इस सम्मिलित दो हठों के सम्मुख है ...बावा राम देव व अन्ना हजारे की हमीर हठ .....अब देखें क्या हश्र होता है ...हम्मीर हठ का....लोकपाल बिल का...लोकतंत्र का...भ्रष्टाचार का...भ्रष्टाचारियों का व बेचारी निरीह जनता का जो भ्रष्टाचार से मुक्त होने का सपना सजाये बैठी है.....

हिन्दू मान्यताओं का विरोध - विकास और आधुनिकता का प्रतीक

परिवर्तन प्रकृति की एक अनिवार्य प्रक्रिया है| परिवर्तन की दो दिशाएँ हैं एक ले जाती है विकास की ओर और दूसरी ले जाती है विनाश की ओर| एक दिशा में सृजन होता है तो दूसरी में विघटन | दोनों ही आवश्यक हैं एक दूसरे के लिए. विकास की पराकाष्ठा विनाश का प्रारम्भ है| और विनाश के पश्चात विकास का अंकुरण अनिवार्य . अस्तु विचारक को दोनों स्थितियों पर दृष्टि रखनी होती है,ताकि दिशा को पहचान कर अपने कर्तव्यों का निर्धारण किया जा सके. विचारकों के दो समूह अपने-अपने तर्कों के साथ विकास या विनाश की दिशा में चल पड़ते हैं. हवा किसी भी दिशा में क्यों न बह रही हो,दूसरा समूह अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए प्रयत्नशील रहता ही है.

आज बहुसंख्य विश्व मानव समुदाय विकास की पराकाष्ठा के उपरांत विनाश के प्रारम्भ की पृष्ठभूमि तैयार करने में जुट गए हैं| विचार बदल रहे हैं,धारणाएं बदल रही हैं ,मान्यताएं बदल रही हैं,मूल्य बदल रहे हैं| परिवर्तन की इस आँधी में हर किसी को अपनी भूमिका निर्धारित करनी होगी| कुछ लोग संस्कृति में निरंतर परिवर्तन चाहते हैं';उन्हें इसका ठहराव स्वीकार नहीं. किन्तु "सांस्कृतिक ठहराव" की उनकी अवधारणा स्वयं में उलझी हुयी है|कुछ शाश्वत सत्य हैं,उनका ठहराव अनिवार्य है|"सांस्कृतिक ठहराव" के विरोध के नाम पर शाश्वत सत्य की उपेक्षा नहीं की जा सकती |संस्कृति में निरंतर परिमार्जन की बात को स्वीकारा जा सकता है पर उसके मूल्यों में आमूल परिवर्तन

अमरीकी सेना में पुरोहित नियुक्त


अमेरिका में प्रतिमा धर्म भारतीय मूल की ऐसी हिंदु महिला है जो अमरीकी सेना में पुरोहित नियुक्त हुई है. वहाँ सेना में इनके लिए बैज बनाने का कार्य भी चल रहा है .इसके लिए धर्म गुरुओं से चर्चा की गई और सर्व सम्मति से ओम को बैज के रूप में चुना गया. इसके पीछे तर्क दिया गया कि ओम सत्य व शांति का प्रतीक है. प्रतीमा का मानना है की हिंदुत्व स्वभाव से ही सहनशीलता ,स्वीकार्यता और सभी मतों के प्रती सम्मान की भावना रखता है. इस घटना ने हिंदुत्व की स्वीकार्यता को विश्व में बढाया है .भारत के राजनेता भी हिंदुत्व के इस विश्वव्यापी चरित्र को समझें व स्वीकारें .....शाश्वत राष्ट्रबोध के आगामी अंक के अंश ......

भगवान को मानने में शर्म कैसी ........


29.7.11


है कोई निर्माता ! या सब अपने आप .......जादू से !....कहाँ है ! ...कौन है वो जादूगर.....



इस फूल को किसने बनाया ! who made this flower !






यह एक सुंदर फूल है न . 


कभी सोचा इसे किसने बनाया !


क्या बेवकूफी भरा सवाल है !


अरे किसी ने भी बनाया हमें क्या लेना देना .

कहाँ हैं हम .............ड़ा श्याम गुप्ता....








हमारे दो रूप .......
---यह ...




---------------------और-------------

जरुरत है आस्ट्रेलियन प्रधान मंत्री जैसी नेता की : मुसलमानों को खुला चल्लेंज


29.7.11


एक मजबूत आस्ट्रेलियन प्रधान मंत्री की देश विरोधियों को ललकार . पढ़ओ और सीखो


निचे लिखा ब्लॉग इंग्लिश में है,

बहुत आसान इंग्लिश में,

फिर भी चूँकि यह ब्लॉग की भाषा हिंदी है, इसलिए पूरा पढ़ने वालों को मेरे ब्लॉग के लिंक में जाना चाहिए जो कि शीर्षक पर क्लिक करने से खुल जायेगा 

केवल कुछ फोटो , पंक्तिया इस ब्लॉग पर छोड़ रहा हूं . . 

लघु कथा- - रथ चढि सिया सहित- -डा श्याम गुप्त

अन्तर्राष्ट्रीय अर्बुद संघ (केन्सर असोसिएशन) के एशिया-अध्याय (एशिया-चेप्टर) की त्रिवेन्द्रम बैठक में मुझे ग्रास-नली के अर्बुद (केन्सर ईसोफ़ेगस) के तात्कालिक उपचार पर अपना पेपर ( वैज्ञानिक शोध आलेख ) प्रस्तुत करना था। साथी चिकित्सक डा. शर्मा को अगन्याशय (पेन्क्रियाज़) के केन्सर पर। विमान में बैठते ही डा शर्मा ने मन ही मन कुछ बुदबुदाया तो मैने पूछ लिया, ’क्या जप रहे हैं डा शर्मा?’ वे बोले- राम चरित मानस की चौपाई -- "रथ चढि सिया सहित दोऊ भाई ........" ताकि यात्रा निर्विघ्न रहे ।


मैंने आश्चर्यचकित होते हुए हैरानी भरे स्वर में पूछा--हैं, आप इस मुकाम पर आकर भी, विज्ञान के इस युग में भी एसी अन्धविश्वास की बातें कैसे सोच सकते हैं?

देखिये विधर्मियों ने हमारा क्या हाल कर दिया


बुधवार, २७ जुलाई २०११



आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ, झांकी आलसी , लालची, भ्रष्ट ,लोगों के हिन्दुस्तान की



आइये १६ अगस्त के गीत ( जंतर मंतर ) की तयारी करें :


आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ, झांकी बेशरम , बेगैरत, आलसी , लालची, भ्रष्ट , हिन्दुस्तान की



आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ झांकी हिन्दुस्तान की (१५ अगस्त का लाल किले का )


  


आओ बच्चों तुम्हें दिखाए

झांकी  घपलिस्तान की


इस मिट्टी पे सर पटको


ये धरती है बेईमान की


बंदों में है दम,


राडिया-विनायकयम्


बंदों में है दम,

राडिया-विनायकम्

उत्तर में घोटाले करती


मायावती महान है


दक्षिण में राजा-कनिमोझी


करुणा की संतान है


जमुना जी के तट को देखो


कलमाडी की शान है


घाट-घाट का पानी पीते


चावला की मुस्कान है.


देखो ये जागीर बनी है


बरखा-वीर महान की


इस मिट्टी पे सर पटको


ये धरती है बेईमान की

बन्दों में है दम...राडिया-विनायकम्.


ये है अपना जयचंदाना

नाज़ इसे गद्दारी पे

इसने केवल मूंग दला है


मजलूमों की छाती पे


ये समाज का कोढ़ पल रहा

साम्यवाद के नारों पे

बदल गए हैं सभीअधर्मी 

भाडे के हत्यारे  में 


हिंसा-मक्कारी ही अब

पहचान है हिन्दुस्तान की


इस मिट्टी पे सर पटको


ये धरती है हैवान की


बन्दों में है दम...राडिया-विनायकम्.


देखो मुल्क दलालों का,


ईमान जहां पे डोला था.


सत्ता की ताकत को


चांदी के जूतों से तोला था.


हर विभाग बाज़ार बना था,


हर वजीर इक प्यादा था.


बोली लगी यहाँ


सारे मंत्री और अफसरान की.


इस मिट्टी पे सर पटको

ये धरती है शैतान की.

बन्दों में है दम... नंगे-बेशरम....!
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हिन्दू स्थान में हिन्दुओं की तारीफ़ गवारा नहीं मज़लिस ए शूरा को


धर्मांध जड़ता के शिकार मोहतमिम मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी


चार के मुकाबले नौ लोगों की धर्मांध जड़ता के शिकार हुए दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी|गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ़ करने के कारण उत्तरप्रदेश के मुसलमानों के रहनुमाओं ने मज़लिस ए शूरा की बैठक में दारुल उलूम के कुलपति वस्तानवी को उनके पद से हटा कर एक बार फिर अपनी कट्टरता का परिचय दे दिया है. क्या इसे उनकी ओर से एक खुला ऐलान माना जाय कि उन्हें भारत में रहने वाले किसी हिन्दू की तारीफ़ किसी मुसलमान द्वारा किया जाना पसंद नहीं ? आखिर क्या वज़ह है कि वस्तानवी पर लगाए गए आरोप सिद्ध न होने पर भी उन्हें पद से हटा दिया गया ? अब कोई धर्म निरपेक्ष व्यक्ति इस प्रकरण पर क्या तर्क देगा ?

"धर्मनिरपेक्षता" -- एक घातक विष

 धर्मनिरपेक्षता   ...एक हानिकारक विचार

प्रिय बंधुओ ! आज हम धर्मनिरपेक्षता की छद्मता पर चिंतन करेंगे, किन्तु इससे पूर्व एक शुभ समाचार नेपाल से,"हिन्दू शिव सेना" के गठन के साथ ही नेपाल ने एक बार फिर हिन्दूराष्ट्र के चिंतन के स्वर प्रखर कर दिए हैं. राजशाही के अवसान के साथ ही विश्व का एक मात्र घोषित "हिन्दूराष्ट्र" इतिहास का एक अध्याय बन गया. परन्तु वहाँ के लोगों ने इसे इतिहास न बनने देने के प्रति अपना संकल्प व्यक्त किया है . नेपाल की हिन्दू जनता को मेरी कोटि-कोटि शुभकामनाएं |


हमारे देश के कर्णधारों ने भारत के इतिहास, संस्कृति और गौरव की उपेक्षा करते हुए भारतीय समाज को विषकन्या की तरह पोषित करने के उद्देश्य से उसे "धर्मनिरपेक्षता" नामक एक घातक विष का पान कराया जाना सर्वसम्मति से स्वीकार किया था | मैं इसे विष ही कहता हूँ, एक मंदविष, जो मृत्यु नहीं देता, जीने भी नहीं देता; जीवन भर रक्तपान का साधन भर उपलब्ध कराता है. मैं पूरे संकल्प के साथ यह घोषित करता हूँ कि विश्व का कोई भी व्यक्ति धर्मनिरपेक्ष हो ही नहीं सकता , इक्कीसवीं शताब्दी के इस वैज्ञानिक युग में इससे बड़ा असत्य कदाचित ही कोई दूसरा हो जो इतनी सरलता से जनमान्य हो गया हो |

जय जय भारत के पहलवान ............................योगेन्द्र मौदगिल जी की बेहतरीन रचना


देखिये क्या जोरदार कविता लिखी है मेरे आग्रह पर मोदगिल चाचा ने वाह वाह वाह: -
बहुत बहुत धन्यवाद योगेन्द्र चाचा।

जय लाल लंगोटे वाले की..जय बोल दे सोट्टे वाले की..
जय बजरंगी के मान की जय..
जय भारत के सम्मान की जय

ये पहलवान अम्बाले का, ये पहलवान पटियाले

वो naxalite भी हो सकता था

       आज सुबह मेरे एक सहयोगी एक लड़के को ले कर मेरे कमरे पे आ गए ......बोले नया लड़का है ....आजीवन सेवाव्रती बनने के लिए आया है ....आज दिन में इसका interview है ...तब तक आपके साथ रह लेगा ....उसे मेरे पास छोड़ के चले गए ............अब उसका interview था दिन में 2 बजे ....वहां तो बाद में देता ...पहले मैंने लेना शुरू कर दिया ...और फिर एक बार शुरू जो हुआ तो पूरे तीन घंटे चला ........और जो कहानी निकल के आयी वो आपके सामने हुबहू प्रस्तुत है .........कमल कान्त ...उम्र 18 वर्ष .....बारहवीं पास ........science से .....लगभग 45 % अंक ले कर .......उड़ीसा का रहने वाला है ......JHARSUGUDA स्टेशन पे उतर के लगभग 80 किलोमीटर दूर ..........एक गाँव है सेंदरी टांगर...झारसुगुडा से उसके गाँव पहुँचने के लिए तीन बसें बदलनी पड़ती हैं ....यहाँ पतंजलि योग पीठ में आजीवन राष्ट्र सेवा की इच्छा से आया है ......जाति का हरिजन ( मोची ) है ......उसके गाँव में लगभग 100 घर हैं ......लगभग 85 घर आदिवासी , 15 घर हरिजन और 4 -5 घर अन्य जातियों के हैं....... 

हल्लाबोल के प्रबंध मंडल का संशोधित पुनर्गठन


   प्रिय बंधुओ ! एक आवश्यक विचार-विमर्श के पश्चात किंचित संशोधानोपरांत आज दिनांक- १९/०७/२०११ को हल्लाबोल के प्रबंध मंडल का अंतिम रूप से अगले एक वर्ष की कालावधि हेतु गठन किया जाता है. प्रबंधमंडल के पदाधिकारियों की नयी सूची प्रस्तुत है -


सम्पादक -
                  
श्री हरीश सिंह जी 
सहसंपादक -               श्री अंकित जी 
तकनीकी संपादक -      श्री ब्लॉग तकनीक जी 
प्रचार-प्रसार सहायक - श्री प्रतुल वशिष्ठ जी , श्री विश्वजीत जी , श्री अभिषेक         जी , श्री अजित सिंह तैमूर जी एवं श्री अशोक गुप्त जी 
विशेष सलाहकार -      श्री आशुतोष नाथ तिवारी, डॉक्टर श्री श्याम गुप्त जी     , पंडित श्री दिवस दिनेश गौर जी एवं हिन्दू धर्म.   


                              -अध्यक्ष - कौशलेन्द्र ( हस्ताक्षर अपठित )



व्यवस्थापकीय विशेषाधिकार :-
             
    हल्लाबोल के नवगठित संपादक ,  सहसंपादक एवं तकनीकी सम्पादक को इस मंच पर प्रस्तुत किये जाने वाले समस्त आलेखों, चित्रों , कविताओं एवं अन्य किसी भी प्रकार की पठनीय सामग्री के सम्पादन एवं संशोधन विषयक सभी व्यवस्थापकीय विशेषाधिकार अगले एक वर्ष तक के लिए आज दिनांक- १९/०७/२०११ से प्रदान किये जाते हैं. किसी भी पठनीय सामग्री के प्रकाशन का विशेषाधिकार सम्पादक के पास रहेगा. 
                                                                                                                                                        

                             -अध्यक्ष - कौशलेन्द्र ( हस्ताक्षर अपठनीय )                                                 

मेकाले का स्वप्न अब भी ढल रहा है---नए रूप में ....हम कब समझेंगे .ड़ा श्याम गुप्त



....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...
पिज्जा हट, केप्यूचिनो -काफी, विदेशी डिशों से सजे -- हाइपर सिटी , फेन-माल... माल संस्कृति का प्रचार..... जस्ट डांस, डांस इंडिया डांस, डांस-डांस , कौन बनेगा करोडपति.......आदि से नग्नता व धन लोलुपता का बाज़ार...... नंगे पन के टी वी सीरियल,....बदन- दिखाती हुईं तारिकाएं...... व नंगे होते हुए हीरो,....... नग्नता से भरपूर फ़िल्में ..... हेरी-पोटर के मूर्खतापूर्ण ..उपन्यास व चल-चित्र ....... महिला-उत्थान का नकली चेहरा....महिलाओं के सभी क्षेत्रों में दिन व रात रात भर कार्य-संस्कृति व ..उसकी आड में वैश्यावृत्ति का फैलता हुआ ख़ूबसूरत धंधा .... ब्रांडेड कमीज़-पेंट व दैनिक उपयोग के सामान की भोगी संस्कृति ..... तरह तरह के कारों के माडलों की भारत में उपलब्धिता...... विदेशी कंपनियों द्वारा स्व-हित में खूब-मोटी मोटी पगार...... फिर महंगे होटलों में खाना रहना, व विदेशी वस्तुओं के उपयोग का प्रलोभन..... आसानी से मिलने वाले क़र्ज़.......सस्ती विदेश यात्रा के आफर.......... चमचमाते हुए हाई-टेक आवासों के विज्ञापन..... महंगी व विदेशी होती शिक्षा .... भारतीय संस्कृति व रीति-रिवाजों को गाली देता भारतीय युवक......भारतीय व -पुरातन सब पिछडा है , पुराण पंथी है, आउट डेटेड है..कहता हुआ विदेशी कल्चर में ढला नव-युवा ....मारधाड वाले अंग्रेज़ी 

साजिश ? मुंबई विस्फोट और कांग्रेस सरकार की सुप्रीम कोर्ट में एस. आई. टी. के खिलाफ याचिका ::: एक गहरा सम्बन्ध....


13 जुलाई को मुंबई विस्फोट के ठीक अगले ही दिन   14 जुलाई को कांग्रेस सरकार की चुपचाप सुप्रीम कोर्ट में काले धन के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका ????????

क्या इसमें कोई बहुत गहरा राज छुपा हो सकता है ?? क्या यह कांग्रेस की कोई साजिश है ???

जी हाँ !  यदि ये याचिका किसी भी सामान्य माहौल में होती तो पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ी खबर बनती . पूरे देश की मीडिया इस खबर को देश की जनता को दिखाते और किसी भी टीवी के टाक शो में कांग्रेस के प्रवक्ताओ के पास इसका कोई जबाब भी नहीं होता .. क्योंकि एक तरफ मनमोहन सिंह और सोनिया गाँधी कहते है कि कालेधन के मामले से सरकार बहुत गंभीर है और दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट से अपील कर रहे है कि वो इस मामले की जाँच ही ना करे ?? 

हम कुछ और नहीं माँगते ...बस ! केवल भर पेट पानी ...दे पायेगी सरकार, भारत के नागरिकों को ....आज़ादी के ६५ साल बाद भी

पेय जल हमारा नैसर्गिक अधिकार हैफिर हम इससे वंचित क्यों हैं कैसे मिलेगा हमें हमारा अधिकार ?कौन दिलाएगा ....या हमें खुद छीनना होगा जेल में बंद आतंकवादियों पर प्रतिदिन लाखों रुपये खर्च करने वाली सरकार हिन्दुओं के बारे में कब सोचेगी 
भ्रष्टाचार और आदर्श के झंझट में प्यास से मर रहे हैं हम. आदर्शों से पहले हमें पानी चाहिए ...ताकि हम जीकर फिर कोई और लड़ाई लड़ सकें ...... 

एक महा झूठ , ताज महल एक मकबरा है ,

17.7.11


एक महा झूठ , ताज महल के बारे में ,


एक महा झूठ , ताज महल एक मकबरा है , एक सरकारी झूठ , चल रहा है , चलने दो

ताजमहल..... मकबरा नहीं............ अति प्राचीन शिव मंदिर है

  
प्रिय पाठकों ,

सुरक्षा की तलाश में घर से बाहर भटकने को विवश एक आम भारतीय



देश का आम नागरिक असुरक्षित है ....
जेलों में बंद आतंकवादी सुरक्षित हैं....
बस्तर के पुलिस थाने असुरक्षित हैं .......पुलिस के लिए सुरक्षित स्थान कहाँ है जहाँ उसे रखा जाय ? शायद जेल ही सबसे सुरक्षित स्थान है क्यों न वहीं रख दिया जाय ?                        
    नागपुर के लोगों ने विचार किया कि हमसे तो बेहतर आतंकवादी हैं .....उन्हें रश्क है उनसे ...उन्होंने मांग की है कि हमें भी अजमल कसाब और अफजल गुरू जैसी सुरक्षा दी जाय. मैं इसमें इतना और जोड़ना चाहता हूँ कि ........"और हर भारतीय कैदी को कसाब जैसा ही भोजन भी दिया जाय"  हमसे वसूले गए टैक्स का कुछ हिस्सा उन बेचारों को भी मिलना ही चाहिए केवल कसाब को ही नहीं. 

अपनी बात

 सभी सनातन धर्मियों और भारत के राष्ट्रवादी भ्राताओं व भगिनियों ! सभी को सादर नमन ! ! !
                                
                                   आज आप सभी से अपनी बात कहने का मन है .....अस्तु ....
           
प्रिय बंधुओ !  इस देश में निवासरत कोटि-कोटि लोगों की तरह हममें से कोई भी वर्त्तमान व्यवस्था और परिस्थितियों से कदाचित ही ....किंचित भी संतुष्ट हो. परिवर्तन की चाह हर किसी में है. पर परिवर्तन हो कैसे ? ...यही यक्ष प्रश्न है. सत्ताओं से हम अधिक आशा नहीं कर सकते .....कलियुग में जहाँ धर्म के सभी पाद लुप्त हो गए हों ....हमें मंथन करना होगा कि परिवर्तन हो कैसे ?  इससे भी पहले का प्रश्न यह है कि परिवर्तन करेगा कौन ? ...इसका उत्तर स्पष्ट है .....हम करेंगे .....हमारे आपके जैसे राष्ट्रवादी लोग करेंगे. पर कोई भी परिवर्तन इतना सहज नहीं होता. परिवर्तन को दीर्घकालीन तपस्या और बलिदान की अपेक्षा होती है ..हमें इसके लिए कटिबद्ध हो तैयार रहना होगा. 

ये वक्तव्य

देश के मुखिया ने फरमाया -
"नहीं होने देंगे 
और आतंकी हमले"
युवराज ने फरमाया -
"सभी आतंकी हमलों को रोकना 
मुमकिन नहीं"
तब से 
मैं बैठाने की कोशिश कर रहा हूँ 
कोई तालमेल 
इन दोनों के फरमानों में. 

गुरूपूर्णिमा पर विशेष - अपना उद्धार स्वयं करें


अपने उद्धार और पतन में मनुष्य स्वयं कारण है , दूसरा कोई नहीं । परमात्मा ने मनुष्य शरीर दिया है तो अपना उद्धार करने के साधन भी पूरे दिये है । इसलिए अपने उद्धार के लिए दूसरे पर आश्रित होने की आवश्यकता नहीं है । भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्पष्ट कहा है कि - अपने द्वारा अपना उद्धार करें , अपना पतन न करें । क्योंकि आप ही अपने मित्र है और आप ही अपने शत्रु है । 
इस बात में कोई संदेह नहीं कि दिव्यभूमि भारतवर्ष में ऐसे असाधारण गुरू आज भी मौजूद है जो लोगों की बेचैनी , व्याकुलता और कुंठा का समाधान साधारण तरीके से करने की क्षमता रखते है । साथ ही ये आध्यात्मिक गुरू लोगों के जीवन को कठिन बनाने वाली चुनौतियों का समाधान भी कर रहे है । 

गुरु पुर्णीमा की सबको बधाईयां

गुरु पूर्णिमा - गुरुदेव को श्रद्धा का त्यौहार

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुस्साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ।।

The Teacher is deemed to be the trio of Gods BramhaVishnu and Maheshwara - the actual causes of the very existence of this universe; he is the ultimatum. Such a Guru is revered.


मेरे गुरुदेव  मेरीगुरु बहन साध्वी  ऋतंभरा के साथ



26 /11 का जख्म तो अब तलक भरा नही ..........

वन्दे मातरम बंधुओं,

खतना तेरा हो गया, या बिन खतने का है तू आदमी,
बम ने फटने से पहले, एक लफ्ज़ तक पूछा नही...........

राम तेरा बाप है, या रहीम की औलाद तू ,
बम रखने वालों ने एक पल को भी सोचा नही........

खून आलूदा हैं सड़के, तन में मन में खून भरा,                                      
मौत जब झपटी तो उसने, हिन्दू मुसलमां देखा नही.........

उजड़े घरों में गूंजते, फातिमा की चीख सीता के नाले,
ये किस जहाँ में आ गया, ये स्वप्न तो मेरा नही.............

फिर सीना लहू लुहान हुआ, फिर पीठ में खंजर घोंप दिया,
26 /11 का जख्म तो अब तलक भरा नही ..........

Truth about Hassan Ali Black Money & Politics






कब तक भारत के सीने पर, दुश्मन मूंग दलेंगे यार??

वन्दे मातरम बंधुओं,

कब तक भारत के सीने पर, दुश्मन मूंग दलेंगे यार,
कब तक वोटों की खातिर हम, अपनों को छलेंगे यार.......

जहरीले साँपों को अपने, हाथों दूध पिलायें कब तक,
26 /11 , लाल किला, आखिर हम भुलाएँ कब तक,
भगत सुभाष का लाल कहाते, हमको आये शर्म ना क्यूँ कर,
भय बिन प्रीत ना होत है, भूले आखिर मर्म हाँ क्यूँ कर,

कब तक दहशत की आग में, जीते हम जलेंगे यार,
कब तक दुश्मन की करनी पर, चुप चुप हाथ मलेंगे यार..........

यही हैं हिंदुओं के दुश्मनों के नेता


छोटी काल गर्ल - बड़ी काल गर्ल


छोटी काल गर्ल - बड़ी वेश्याएं

दिल्ली में उच्च प्रोफ़ाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार
है न शर्म की बात.... 
इन्होने अपने उच्च जीवन के लिए अपना तन  बेचा.......

Sex Racket in Delhi  
ओर इन्होने उच्च जीवन के लिए अपनी भारत माँ को ही बेच दिया ,
कौन बड़ी काल गर्ल  हैं......!

एक हिंदू को अपनी धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने से क्या लाभ ......!

   

कहने की बात नहीं है,

हिंदुओं में विद्वानों की कमी नहीं है .

हिदू बड़े बड़े डाक्टर , इंजिनिअर , वज्ञानिक , I A S, ओर देश विदेश में हैं.

पुरे हिंदू रीती रिवाजों का पालन करते हैं.

पर जब हिंदू शाश्त्र पढ़ने की बात आती है ,

लव जेहाद: क्यों, कैसे, नुकसान और बचाव क्यों?


भारत में जब इस्लामी सेनाए हमला करने को तैयार ना होती थी क्यों की आर्य भूमि से इस्लामिक सेनाए जिंदा वापस नहीं जाती थी , उस वक्त भारत के मंदिरों से ज्यादा भारत की औरतो का लालच दे कर जेहादी नेता अपनी सेनाओ को मना पाते थे भारत पर हमला करने के लिए | “औरतो की लूट” नामक एक किताब तक लिखी जा चुकी हैं जिसमे दिल देहला देने वाले आकडे हैं मुसलमानों द्वारा हिंदू स्त्रियों को लूट के सामान की तरह ले जाने के लिए | उन आकडो से तो सिर्फ यही साबित होता हैं के अफगानिस्तान और तुर्की की ९० फ़ीसदी आबादी हिंदू औरतो से ही पैदा हैं | समय बदल गया हैं, आज औरतो को मुस्लमान एक गैर इस्लामिक देश में ऐसे ही उठा के नहीं ले जा सकते बंगलादेश या पाकिस्तान की बात अलग हैं | भारत में या यूरोप में इन्होने अलग तरीके अपना रखे हैं गैर मुस्लमान औरतो से बच्चे पैदा कर के इस्लाम को बढ़ाने के | तो यहाँ शुरू होता हैं लव जेहाद |


कैसे?
१. मुस्लिम लडको को मौलवियो व अन्य इस्लामिक संगठन द्वारा हिंदू लडकियो को फ़साने को ना केवल प्रोत्साहित किया जाता हैं अपितु इनाम के तौर पर या कहे घर बसाने के नाम पर बड़ी रकम भी रखी जाती हैं | ये रकम जेहाद के नाम पर, जकात के नाम पर, जिज्या के नाम या आपके द्वारा पेट्रोल पर दी हुई रकम से ली जाती हैं |

सौगंध राम की खाते हैं,हम मंदिर वहीँ बनायेंगे...


कश्मीर से अयोध्या तक
बस संगीनों का साया है
हे राम तुम्हारी नगरी में,
कैसा सन्नाटा छाया है...



ऐसी तो अयोध्या न थी कभी,
जहा मानवता की चिता जले..
इस मर्यादा की नगरी में,
सब खुद की मर्यादा भूले