समर्थक

दस बातें

दस बातें जो हम जापानियों से सीख सकते हैं:
शांति- सुनामी के बाद प्रसारित किसी भी वीडियो में छाती पीटते और पछाड़ें
मारते जापानी नहीं दिखे। उनका दुख कुछ कम न था, पर जन हित के लिए
उन्होंने उसे अपने चेहरे पर नहीं आने दिया।

गरिमा- पानी और राशन के लिए लोग अनुशासित कतारबद्ध खड़े रहे। किसी ने भी
अनर्गल प्रलाप और अभद्रता नहीं की। जापानियों का धीरज प्रशंसनीय है।

कौशल – छोटे मकान अपनी नींव से उखड़ गए और बड़े भवन लचक गए, पर धराशायी
नहीं हुए। यदि भवनों के निर्माण में कमियां होतीं तो और अधिक नुकसान हो
सकता था।

निस्वार्थता- जनता ने केवल आवश्यक मात्रा में वस्तुएं खरीदीं या जुटाईं।
इस तरह सभी को ज़रुरत का सामान मिल गया और कालाबाजारी नहीं हुई (जो कि
वहां वैसे भी नहीं होती)।

व्यवस्था – दुकानें नहीं लुटीं। सड़कों पर ओवरटेकिंग या जाम नहीं लगे।
सभी ने एक-दूसरे की ज़रूरतें समझीं।

त्याग- विकिरण या मृत्यु के खतरे की परवाह किए बिना पचास कामगारों ने
न्यूक्लियर रिएक्टर में भरे पानी को वापस समुद्र में पम्प किया। उनके
स्वास्थ्य को होने वाली स्थायी क्षति की पूर्ति कैसे होगी?

सहृदयता – भोजनालयों ने दाम घटा दिए. जिन एटीएम पर कोई पहरेदार नहीं था
वे भी सुरक्षित रहे। जो संपन्न थे, उन्होंने वंचितों के हितों का ध्यान
रखा।

प्रशिक्षण – बच्चों से लेकर बूढों तक सभी जानते थे कि भूकंप व सुनामी के
आने पर क्या करना है। उन्होंने वही किया भी।

मीडिया – मीडिया ने अपने प्रसारण में उल्लेखनीय संयम और नियंत्रण दिखाया।
बेहूदगी से चिल्लाते रिपोर्टर नहीं दिखे। सिर्फ और सिर्फ पुष्ट खबरों को
ही दिखाया गया।राजनीतिज्ञों ने नंबर बनाने और विरोधियों पर कीचड़ उछालने
में अपना समय नष्ट नहीं किया।

अंतःकरण – एक श़ॉपिंग सेंटर में बिजली गुल हो जाने पर सभी ग्राहकों ने
सामान वापस शेल्फ में रख दिए और चुपचाप बाहर निकल गए।
प्रलयंकारी संकट के क्षणों में अपने बर्ताव से जापानियों ने पूरी दुनिया
को बहुत कीमती सबक दिए हैं।

2 टिप्‍पणियां:

एम सिंह ने कहा…

बहुत अच्‍छी बातें बताई आपने, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है. अगर कोई ऐसी विपदा आई तो भी धन कमाने की ही सोची जाएगी, इसके अलावा दूसरा कोई उद्देश्‍य नहीं होगा.

Abhishek ने कहा…

कास ऐसी सोच इंडिया के लोग भी अपना सकते. किन्तु यहाँ तो सबको केवल अपना ख्याल ही रहता है दुसरो के बारे में या देश के बारे में सोचने के लिए टाइम ही किसको है.

वैसे आपने बोहोत अछि जानकारी दी. जापानियों को मैं पर्सनली तो नहीं जनता हूँ किन्तु इस जानकारी के बाद उनके लिए मेरे मनन में उनकी इज्जत काफी बढ़ गयी है.