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जय जय भारत के पहलवान ............................योगेन्द्र मौदगिल जी की बेहतरीन रचना


देखिये क्या जोरदार कविता लिखी है मेरे आग्रह पर मोदगिल चाचा ने वाह वाह वाह: -
बहुत बहुत धन्यवाद योगेन्द्र चाचा।

जय लाल लंगोटे वाले की..जय बोल दे सोट्टे वाले की..
जय बजरंगी के मान की जय..
जय भारत के सम्मान की जय

ये पहलवान अम्बाले का, ये पहलवान पटियाले

का.
ये पहलवान पंजाब का है, इसका मुक्का दोआब का है..
सब इसे देख के डरते हैं, गोरे तो पानी भरते हैं...
ये दांव-पेंच इस के असली, बाकी दुनिया सारी नकली....
जय लाल लंगोटे वाले की..जय बोल दे सोट्टे वाले की..
जय बजरंगी के मान की जय..
जय भारत के सम्मान की जय

ये दूर विदेशों में लड़ते, ये परदेसों में भी लड़ते.
इन के ही चर्चे दुनिया में, इन की ही जय-जय दुनिया में..
दुनिया में बड़ा अचम्भा है, ये पहलवान क्या खम्बा है...
ये भीम का भाई लगता है, ये गदा उठा कर सजता है....
जय लाल लंगोटे वाले की..जय बोल दे सोट्टे वाले की..
जय बजरंगी के मान की जय..
जय भारत के सम्मान की जय

थी भारी भीड़ अखाड़े में, चन्दन चाचा के बड़े में.
वहां धोबी-पाट का मेला है, कुश्ती-कुश्ती का खेला है..
यहाँ किलर-झपटा बनते हैं, मंगोल यहीं पर तनते हैं...
है दारासिंह का नाम यहाँ, है कीन्ग्कोंग का गाम यहाँ....
जय लाल लंगोटे वाले की..जय बोल दे सोट्टे वाले की..
जय बजरंगी के मान की जय..
जय भारत के सम्मान की जय

जय बोल यहाँ हरियाणे की, जय दूध-दही के खाणे की.
जै दिल्ली की कश्मीर की जै, जै गंगा-सागर तीर की जै..
जय भोली-भली हीरों की, जय देश के सारे वीरों की...
जय राजस्थान की माटी की, जय दंगल की परिपाटी की....
जय लाल लंगोटे वाले की..जय बोल दे सोट्टे वाले की..
जय बजरंगी के मान की जय..
जय भारत के सम्मान की जय

ये धरती वीर-जवानों की, अलबेलों की-मस्तानों की.
विज्ञानी और किसानों की, ये धरती है परवानों की..
है बच्चा-बच्चा वीर यहाँ, हर पहलवान महावीर यहाँ...
यहाँ रोज अखाड़े सजते हैं, बम-बम के नारे बजते हैं....
जय लाल लंगोटे वाले की..जय बोल दे सोट्टे वाले की..
जय बजरंगी के मान की जय..
जय भारत के सम्मान की जय
--योगेन्द्र मौदगिल

5 टिप्‍पणियां:

वन्दना ने कहा…

आपकी रचना आज तेताला पर भी है ज़रा इधर भी नज़र घुमाइये
http://tetalaa.blogspot.com/

Minakshi Pant ने कहा…

बहित खुब्सुअर्ट रचना दोस्त जी |

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना दोस्त जी |

कौशलेन्द्र ने कहा…

मौदगिल चाचा जी ! बचपन की याद दिला दी आपने. आनंद आ गया .........चन्दन चाचा के बाड़े में पहुंचा दिया आपने .....जय हो ! जय हो !

vishy ने कहा…

sundar
लिकं हैhttp://bachpan ke din-vishy.blogspot.com/
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