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कहाँ हैं हम .............ड़ा श्याम गुप्ता....








हमारे दो रूप .......
---यह ...




---------------------और-------------






यह------

----------------------कहाँ हैं हम .....?????

1 टिप्पणी:

कौशलेन्द्र ने कहा…

अब पैराडोक्स हमारी विशेषता बनती जा रही है. सड़क, ट्रेन या अन्य किसी सार्वजनिक स्थान पर प्रसव व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिह्न है. पशु प्रधान देश में मनुष्य को स्वयं पशु बनने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है.......