समर्थक

सौगंध राम की खाते हैं,हम मंदिर वहीँ बनायेंगे...


कश्मीर से अयोध्या तक
बस संगीनों का साया है
हे राम तुम्हारी नगरी में,
कैसा सन्नाटा छाया है...



ऐसी तो अयोध्या न थी कभी,
जहा मानवता की चिता जले..
इस मर्यादा की नगरी में,
सब खुद की मर्यादा भूले






हे राम तुम्हारी सृष्टी में
हैं कोटि कोटि गृह बसे हुए..
इस गर्भ गृह की रक्षा में,
आखिर अब कितनी बलि चढ़े...

इन लाशों के अम्बारों पर
बाबर और बाबरी बसतें हैं...
यहाँ हनुमान हैं कई खड़े...
जो राम ह्रदय में रखतें हैं...


इन विघ्नों के आवर्तों से
हम नहीं कभी अब तक हैं डरे...
हमने दधिची को पूजा है,
जो वज्र ह्रदय में रखतें हैं..

इस राम कृष्ण की धरती पर
हम भगवा ध्वज लहरायेंगे
ये हिन्दू धर्मं सनातन है
हम हिन्दू धर्म निभायेंगें

आहुति अब पूरी होगी
हम अश्वमेध को लायेंगे
जो जन्म भूमि है राम की...
वहां राम ही पूजे जायेंगे..

एक नहीं दो बार नहीं हर बार यही दोहरायेंगे
सौगंध राम की खाते हैं,हम मंदिर वहीँ बनायेंगे...
सौगंध राम की खाते हैं,हम मंदिर वहीँ बनायेंगे...



"आशुतोष नाथ तिवारी"

9 टिप्‍पणियां:

Ankit.....................the real scholar ने कहा…

राम कृष्ण की धरती है ये बाबर की जागीर नहीं
जन्म भूमि प्रभु रामचंद्र की मुगलों का प्राचीर नहीं

एक नहीं दो बार नहीं हर बार यही दोहरायेंगे
सौगंध राम की खाते हैं,हम मंदिर वहीँ बनायेंगे..

वन्दना ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

Er. Diwas Dinesh Gaur ने कहा…

बंधुवर, हम भी सौगंध खाते हैं कि हम मंदिर वहीँ बनाएंगे|
डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया की बात सही है| उस भूमि पर कोई मस्जिद नहीं| और बाबर के नाम की मस्जिद तो पूरे भारत में कहीं नहीं|

blogtaknik ने कहा…

मुसलमानों को इस गाँधी परिवार ने सर पर चड़ाकर रख दिया है. इस लिए ये हिम्मत करते है. उनको भी पता है आर्केलोजिक सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट भी सबुत देती है. पर कोंग्रेस जोकि खांनग्रेस बन गयी है हमेसा हिन्दुओ के विरुद्ध कार्य करती है. पर अब हमें संगठित हो कर कार्य करना पड़ेगा.
जय जय श्री राम

हरीश सिंह ने कहा…

इस राम कृष्ण की धरती पर
हम भगवा ध्वज लहरायेंगे
ये हिन्दू धर्मं सनातन है
हम हिन्दू धर्म निभायेंगें
jai sr ram.....

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

अरे आशु भाई
मंदिर तो है ही, ये कहो कि भव्य बनाना है।

vishwajeetsingh ने कहा…

जाट देवता जी ने बिल्कुल ठीक कहा कि मन्दिर तो है ही , केवल भव्य स्वरूप देना है ।
प्रभु श्रीराम केवल हिन्दुओं के आराध्य ही नहीं है बल्कि भारत की अस्मिता के भी प्रतीक है ।
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर था , है और रहेगा ।
वन्दे मातरम्
जय श्री राम

blogtaknik ने कहा…

याचना नही रण होगा, सन्घर्ष बडा भीषण होगा।
रामललाके जन्मस्थानपर ही, भव्य मंदिर निर्माण होगा॥

Unknown ने कहा…

चोरी की हुई कविता है इस कविता के लेखक हैं
राष्टकवि ओमपाल सिंह निडर पूर्व सांसद