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प्रबंध मंडल का गठन

प्रिय बंधुओ ! "हल्ला बोल" के संचालन के लिए एक प्रबंध मंडल के गठन की चर्चा पिछले दिनों की गयी थी. हल्ला बोल जी ने इस गुरुतर कार्य के लिए जिस विश्वास  के साथ मुझे यह उत्तरदायित्व सौंपा है उस विश्वास की रक्षा करना मेरा नैतिक कर्त्तव्य है. इस कर्तव्य में आप सभी की साझेदारी आवश्यक है. आपके सहयोग के बिना कुछ भी कर पाना मेरे लिए संभव नहीं है.  
प्रबंध मंडल के लिए चुने गए सभी लोगों को बधाई एवं मंगलकामनाएं. संरचना इस प्रकार है -
संरक्षक - श्री हल्ला बोल जी 
अध्यक्ष - पूर्व में घोषित 
सम्पादक -श्री हरीश सिंह जी 
सह सम्पादक -  पंडित श्री दिवस दिनेश गौर जी 
तकनीकी सम्पादक - श्री ब्लॉग तकनीक जी 
प्रचार-प्रसार अधिकारी - श्री प्रतुल वशिष्ठ जी 
सलाहकार - श्री गंगाधर जी, श्री आशुतोष जी , डॉक्टर श्री श्याम गुप्त जी , श्री विश्वजीत सिंह जी,  सुश्री रूबी जी एवं श्री अंकित जी .
इस ब्लॉग का प्रत्येक लेखक एवं पाठक हमारे लिए महत्वपूर्ण है. इनकी सक्रियता ही हमारे विचारों को मूर्त स्वरूप दे सकेगी इसलिए सबसे बड़ा उत्तरदायित्व भी इन्हीं का है.
तो आज से ही काम शुरू ..... तकनीकी सम्पादक द्वय जी से निवेदन है कि ब्लॉग के पृष्ठ को आकर्षक बनाने के लिए तकनीकी परिवर्तन करने की कृपा करें. हिन्दी लिप्यान्तरण कुछ दिनों से कार्य नहीं कर रहा है, संभव उपाय करेंगे. 
प्रचार-प्रसार अधिकारी जी ! आपको एक बड़ा उत्तरदायित्व दिया गया है. अच्छे  एवं सुलझे   हुए विचारकों, लेखकों एवं पाठकों को इस ब्लॉग पर आमंत्रित करना आपका दायित्व है.
हम आशा करते हैं कि आप सबके सहयोग से यह ब्लॉग अपने सद उद्देश्य में अवश्य ही सफल होगा. 
कल्याणमस्तु ! ! !   
 दिनांक १२ जुलाई २०११    
पुनश्च .......भाई हंसराज सुज्ञ जी की अनुमति न मिल पाने के कारण किंचित संशोधन किया जा रहा है. नव परिवर्तन के पश्चात सम्पादक का दायित्व श्री हरीश सिंह जी के पास एवम सह सम्पादक का दायित्व पंडित श्री दिवाश दिनेश गौर जी के पास रहेगा. हम आशा करते हैं कि इस परिवर्तन को स्वीकार किया जाएगा.  
      हमारा यह भी अनुरोध है कि लेखक / विचारक उन सभी विषयों पर अपनी लेखनी को मुखरित करने की कृपा करें जिनका सम्बन्ध भारत और भारतीय संस्कृति से है...भारतीय ज्ञान विज्ञान से है ....भारतीय भाषाओं और कलाओं से है ......किमबहुना भारत के सर्वांगीण विकास से है. समसामयिक विषयों / समस्याओं पर चिंतन-मनन-लेखन के लिए आप सभी आमंत्रित हैं. धार्मिक मत-मतान्तरों से परे यह मंच हर उस व्यक्ति का स्वागत करता है जो भारतीय संस्कृति, मूल्यों व आदर्शों  में दृढ विश्वास रखता है और तदनुरूप भारत के विकास में अपना किंचित भी योगदान दे सकता है.                    ॐ शान्तिः ! शान्तिः ! ! शान्तिः ! ! ! 
   

15 टिप्‍पणियां:

हरीश सिंह ने कहा…

बड़े भाई कौशलेन्द्र जी, सर्वप्रथम हल्ला बोल की टीम गठित करने के लिए आपको बधाई. मुझे लगता है आपने हमें कुछ अधिक ही सम्मान देकर मेरा मान बढाया है. मैं आपकी इस भावना और विश्वास का सम्मान करता हूँ. पर हमें हमारा कार्य नहीं बताया गया गया है. यदि आपका दिशा निर्देश मिले तो हमें यह जिम्मेदारी उठाने में आसानी होगी. मैं आप सभी से एक निवेदन करना चाहूँगा की यदि कही हमसे भूल हो जाये तो आप सभी उस पर मेरा ध्यान अवश्य आकर्षित करेंगे. निश्चय ही आपने यह निर्णय लिया है तो वह उचित होगा. आप सभी पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामना. प्रभु करे यह अभियान निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर रहे. ॐ जय श्री राम .........

हल्ला बोल ने कहा…

भारत माँ के आँचल के छाव तले पलने वाले सभी सच्चे हिन्दुस्तानियों को सादर प्रणाम,
बंधुओ सनातन धर्म की परम्परा हमेशा अतिथि देवो भव की रही है, हमारे संस्कारो, हमारी मान्यताओ, हमारी संस्कृति ने हमेशा लोंगो को प्रेम से रहना सिखाया, जो उदारता सनातन धर्म की रही है, उससे पूरा विश्व भलीभांति परिचित है. वही सनातन संस्कृति जिसे हम हिन्दू संस्कृति भी कह सकते हैं, हमेशा लोंगो को आकर्षित किया है. पूरा विश्व आकर्षित हुआ और इस पवित्र भूमि की तरफ आकर्षित हुआ. हमने उसका स्वागत बिना किसी भेदभाव के किया, क्योंकि हम अतिथि को देव की संज्ञा देते हैं. पूरे विश्व में यदि यह परम्परा कही कायम है तो तो आज भी इस पवित्र भूमि पर ही है.
पर हमारी इस उदारता का लाभ हमेशा विदेशियों ने उठाया, हम अतिथि जानकर स्वागत करते रहे और इसे हमारी कायरता समझा गया. कभी मुगलों तो कभी अंग्रेजो ने हमारी पवित्र भूमि को नापाक करने, हमारी सभ्यताओ को नष्ट करने का कुचक्र रचा. पर हमारी संस्कृति इतनी कमजोर नहीं रही की उन कुचक्रो की बलिबेदी पर चढ़ जाय.
सनातन धर्म पर कभी इस्लाम तो कभी इसाईयत की चादर डालने की कोशिश की गयी. हमारे भाइयो का बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन कराया गया.
बंधुओ यह आक्रमण हमारी संस्कृति पर आज भी हो रहा है. हिन्दू अपने ही देश में दोयम दर्जे का नागरिक बनता जा रहा है. हमारे धर्म पर कोई भी अंगुली उठा देता है और हम चुप रहते है. कश्मीर जैसे हालत पूरे देश में बन रहे हैं. और हमें गुजरात के इतिहास को याद दिलाया जाता है ताकि हम चुप रहे. बंधुओ अब हमें आंख खोलनी होगी, जिस देश में राम रहीम मिलकर रहते थे, अब वह परिस्तिथिया नहीं रही. हालाँकि यह पूर्ण रूपेण समाप्त भी नहीं हुआ है. पर अतिथि देवो भव का प्रयोग हम आंख मुड़कर नहीं कर सकते, राम के वेश में छुपे रावण और रहीम के वेश में छुपे लादेन व बाबर को हमें पहचानना होगा.
हल्ला बोल एक साझा मंच नहीं बल्कि एक आन्दोलन एक मिशन है. भारतीय संस्कृति और परम्पराओ की रक्षा के लिए. एक आवाज़ है भारत माँ के लाडलो की. एक हुँकार है देशभक्त हिन्दुस्तानियों की.
और इस आवाज़ को और भी बुलंद करने के लिए कौशलेन्द्र जी ने जो दल बनाया है उसका मैं सम्मान करते हुए सभी पदाधिकारियो को दिल से शुभकामना देता हूँ. आप सब मिलकर हिन्दू धर्म और भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाये ... वन्दे ,मातरम ॐ शांति .. जय श्री राम
आप सभी का स्वागत है.

कौशलेन्द्र ने कहा…

हल्लाबोल के सह संपादक के दायित्व - आलेखों , कविताओं, चित्रों एवं टिप्पणियों पर सतत कड़ी दृष्टि एवं गरिमापूर्ण न होने की स्थिति में उनके आंशिक या पूर्ण विलोपन का अधिकार. प्रबंध मंडल के अन्य सभी सदस्यों-सलाहकारों से सामंजस्य, ब्लॉग की नीतियों आदि पर उनसे विचार-विमर्श कर ब्लॉग को अधिक पठनीय व उपादेय बनाने की दिशा में प्रयास. पठनीय व उद्देश्यपरक आलेखों का संकलन/ प्रकाशन. इन सभी कार्यों के लिए सम्पादक से विमर्श व सामंजस्य.
फिलहाल दो दायित्व :- १ आदरणीय सम्पादक जी को अपने उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए मनाने का प्रयास कि वे सौंपे गए दायित्व को स्वीकार कर हम सबका उत्साह वर्धन करें. २ नव गठित मंडल के प्रत्येक सदस्य को आधिकारिक सूचना प्रदान करने का कष्ट करें.
सम्पादकद्वय को उनके गुरुतर कार्यों के निर्वहन के लिए हम सभी का सम्पूर्ण सहयोग प्राप्त होता रहेगा इसी विश्वास के साथ चलिए चलते हैं कर्मभूमि की ओर. वन्देमातरम ! जय भारत !

गंगाधर ने कहा…

आदरणीय कौशलेन्द्र जी, आप द्वारा दी गयी जिम्मेदारिय हमें सहर्ष स्वीकार है. आप सलाहकार का दायित्व मुझे सौंपा है. मेरी पहली सलाह यह है की अंकित जी को भी इस टीम में शामिल करना चाहिए था. वैसे तो लेखक के तौर पर वे इस टीम में है ही पर वे दायित्वों का निर्वहन अच्छी तरह कर सकते हैं. सभी पदाधिकारियों को मेरी तरफ से शुभकामना.

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

बधाई हो

rubi sinha ने कहा…

मैं हिन्दू धर्म के प्रति समर्पित हूँ. अपने मित्रो को इस ब्लॉग पर आने के लिए प्रेरित भी करती हूँ. आप सभी को शुभकामना.. पर मैं इस काबिल नहीं हूँ.

blogtaknik ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
blogtaknik ने कहा…

मुझे यह सब समज नहीं आता की किसका क्या काम है. पर धर्म के लिए कार्य करना है. और वो कार्य में करूँगा और देवाश दिनेशजी के विषय में ज्यादा जानकारी नहीं है कृपया परिचय कराएँ

आशुतोष की कलम ने कहा…

बड़े भाई की आज्ञा शिरोधार्य ..

कौशलेन्द्र ने कहा…

पेशे से इंजीनियर पंडित "दिनेश दिवास गौर" मूलतः राजस्थान के निवासी हैं. शांत एवं सुलझे हुए विचारों वाले गौर जी भारत माता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम आशा करते हैं कि वे इस ब्लॉग को आगे ले जाने में सहायक होंगे. आदरणीय गंगाधर जी ! आप अंकित जी को अपने सहयोग के लिए मंडल में रख सकते हैं .....उनका स्वागत है. अंकित जी ! आप प्रबंध मंडल के सलाहकार के रूप में हम सबका सहयोग करने के लिए आमंत्रित हैं.
बहन रूबी सिन्हा जी ! हम आपसे अधिक परिचित तो नहीं हैं .......पर मैंने किसी ब्लॉग पर अनवर जमाल की टिप्पणी पर आपकी संतुलित एवं अत्यंत मर्यादित प्रति टिप्पणी पढी है. मैंने उसी समय तय कर लिया था कि आपके विचारों की हमें कितनी आवश्यकता है. अब आप अपने उत्तरदायित्व से बच नहीं सकतीं. यूँ भी नारी शक्ति हमारे लिए सदा से पूज्य और वन्दनीय रही है. हमें आपकी भावनाओं / क्षमताओं की वन्दना करने का सुअवसर प्रदान करेंगी ऐसी आशा है.
बहन रूबी जी ! यह जो भोले चहरे वाला प्यारा सा आशुतोष है न .......बहुत बदमाश है .....उसे अंकुश में रखने के लिए आपके चाबुक की बार-बार आवश्यकता पड़ेगी.

abhishek1502 ने कहा…

जिन को दाइत्व मिला है उन्हें बधाई
ईश्वर आप लोगो को दाइत्व निर्वाहन की की शक्ति प्रदान करे
जय श्री राम

Ankit.....................the real scholar ने कहा…

आपका आदेश स्वीकार है आदर्श व्यवस्था के आकांक्षियों द्वारा सुव्यवस्था पर विचार विमर्श के लिए प्रारंभ किया गया पहला विषय आधारित मंच , हम आप के सहयोग और मार्गदर्शन के आकांक्षी हैं |
सुव्यवस्था सूत्रधार मंच
http://www.adarsh-vyavastha-shodh.com/"

कौशलेन्द्र ने कहा…

श्रीमान हल्ला बोल जी ! कृपया प्रबंध मंडल के सभी लोगों को अपना संपर्क सूत्र देने का कष्ट करें जिससे प्रबंध मंडल के लोग आपसे परामर्श कर सकें.

Ankit.....................the real scholar ने कहा…

हाँ मुझे भी चाहिए सम्पर्कसूत्र , कुछ विमर्श मुझे भी करना है |

vishwajeetsingh ने कहा…

आदरणीय कौशलेन्द्र जी नमस्कार
मुझे सामाजिक क्षेत्रों में तो हिन्दुत्व का कार्य करने का अनुभव है लेकिन ब्लॉग लेखन के क्षेत्र में तो मैं अभी प्रशिक्षु हूँ । आपने सलाहकार जैसा दायित्व मुझे सौपा है जिसके लिए मैं अपने को योग्य नहीं मानता तो भी इसे आपका आदेश मानते हुए स्वीकार करता हूँ ।
वन्दे मातरम्