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खुदरा बाजार में ऍफ़ डी आई ....डा श्याम गुप्त



                                     खुदरा बाजार में ऍफ़ डी आई  पर विरोध  पर मोंटेक सिंह अहलूवालिया  का कथन है कि.... ...मौजूदा आपूर्ति श्रृंखला में कई खामियां हैं ,किसानों को उपज का उचित दाम नहीं मिलता....आपूर्ति-तंत्र में अक्षमता , बिचौलिआपन तथा बरबादी है ...कोल्ड स्टोरेज बगैरह की व्यवस्था नहीं है.....आदि आदि....
            यदि एसा है तो यह तो आपकी सरकार की ही अक्षमता है | उसे ठीक करने के उपाय की बजाय आप विदेशियों को अपने घर में घुसा लेंगे क्या |   फिर तो राजनीति में , नेताओं के चरित्र में , मंत्रियों  के कार्यों में जाने कितनी खामियां हैं ...फिर क्यों हम भारतीय लोगों, नेताओं को ही सत्ता पर काविज़ करें , क्यों न विदेशियों को ही चुनाव में खड़ा होने का न्योता दें, क्यों न उन्हें ही नेता, मंत्री, मुख्य-मंत्री, राष्ट्रपति बनने का न्योता व मौक़ा दें ताकि देश की ये सारी समस्याओं का सरल , बिना कष्ट किये , बिना कठिनाई के  हल  होजाय |
           आप सब लोगों का क्या ख्याल है.....

7 टिप्‍पणियां:

आशुतोष की कलम ने कहा…

अगर वितरण प्रणाली में खामी है तो सुधर न करके पूरा सिस्टम बेच दो ..ये बात बहुत ही वाहियात है...मेरा ख्याल ये खान्ग्रेस ये जान चुकी है की अब सत्ता का स्वाद असंभव है तो जाते जाते जितना ज्यादा से ज्यादा कमा लो उसी के तहत वालमार्ट से हजारो करोड़ की दलाली ले लिया है इटली की वेटर और हिन्दुस्थान की रानी ने ..अब FDI उसके गले की हड्डी बन गया है..न उगली ही जाये न निगली ही जाये..

मनोज कुमार ने कहा…

समस्या हमारे देश, समाज और वयवस्था की, और समाधान विदेशी दलाल!

क्या एक बार फिर हम किसी ईस्ट ईंडिया कं. को तो नहीं न्यौत रहे?

राहुल पंडित ने कहा…

सभी धर्म प्रेमी देश भक्त मित्रों, भाईयों और बहनों को यह सूचित किया जाता है कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में अग्निवीर एक विशाल शुद्धि कार्यक्रम करने जा रहा है जिसमें सैकड़ों मुसलमान और ईसाई भाइयों बहनों को वापस वैदिक (हिन्दू) धर्म में लाया जाएगा. अपने सदियों से बिछुड़े भाइयों बहनों की घर वापसी की सूचना देते हुए हमें बहुत हर्ष हो रहा है. आप सब से प्रार्थना है कि agniveer.com पर जाकर अधिक सूचना प्राप्त करें और इस मानवता के कल्याणकारक कार्य में तन मन धन से सहयोग करें. ईमेल से अति शीघ्र संपर्क करें vedas@agniveer.com पर. ईश्वर धर्म के इस कार्य को करने में हमें बल सामर्थ्य प्रदान करे, यही प्रार्थना है. कृण्वन्तो विश्वमार्यम् http://agniveer.com/6087/shuddhi/

सुनील दत्त ने कहा…

आज इटालियन अंग्रेज एटवीज एंटोनियो अलवीना माइनो का ही तो शाशन चल रहा है अब ये अंग्रेज विदेशों में पैसा भेज-भेज कर दुखी आ चुकी है इसीलिए सारे देश को विदेशियों के ही हवालेो करने पर अपने गुलामों को बाध्य कर रही है

drshyam ने कहा…

धन्य्वाद सुनील जी, मनओज जी व आशु....

Pushpa Bajaj ने कहा…

स्वविवेक और नैतिकता का हनन पुर्णतः हो चुका है . दुर्भाग्य है इस देश का जहाँ के राजनेता इन कांग्रेसियों के जैसे हैं . सचमुच देश को बचाना है तो सबसे पहले कॉन्वेंट शिक्षा को बंद करें. कान्वें stander की अच्छी स्कूलें लायें. टीवी सीरियल्स पर एवं पिक्चर पर पाबन्दी लगायें वर्ना कागज कलम दिमाग खपाकर क्या होगा?

drshyam ने कहा…

सही कहा पुष्पाजी.....सारा अन्ग्रेज़ी साहित्य बन्द कर देना चाहिये ,, वास्तव में तो विदेशी किसी भी वस्तु के लिये भारतीय बाज़ार को बन्द करदेना चाहिये...ल्बेरेलाइज़ेशन की कोई आवश्यकता नहीं है.....इस देश को कोई भी विदेशी वस्तु नहीं चाहिये...न कप्डे न किताबेण, न साहित्य, न फ़िल्में न कम्पनियां.....