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अग्निवेश एक विक्षिप्त व्यक्तित्व




आप की अदालत में रजत शर्मा के सामने आर्य समाज के वरिष्ठ समाजसेवी स्वामी अग्निवेश जी रजत शर्मा के सवालों के जवाब में बगलें झांकते नज़र आये. जिस बात को वे मना करते उसे रजत जी वीडियो विजुअल दिखाकर उन्हें चुप करा देते. कुछ माह पहले अग्निवेश ने अमरनाथ के शिव लिंग के बारे में एक विवादास्पद बयान जारी किया था की वह एक प्राकृतिक घटना है और ईश्वर सर्व व्यापी है बेवकूफ लोग वहां ईश्वर शिव का निवास समझकर धाम समझकर जाते हैं वह तो बर्फ रूप में अपने आप बनाता और फिर पिघल जाता है. हालांकि उनके इस बयान से हिन्दू संगठनों के वोरोध के बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर और "आप की अदालत "में भी माफी मांग ली थी पर भोपाल में एक सभा के दौरान वहां एक साधू ने उन्हें मंच से पगड़ी सहित खींचकर मारपीट की जो टी.वी.  चैनल्स पर खूब दिखाया गया. अग्निवेश यहाँ भी रुके नहीं उन्होंने छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा में नक्सलियों के बीच जाकर लाल-सलाम ज़िन्द्द्बाद, मार्र्कस्वादी कम्युनिस्ट पार्टी जिंदाबाद ...के नारे लगाए जिसमें लोग भारतीय सेना वापस जाओ के नारों के बीच उनका हाथ भी समर्थन में उठाता रहा बिना यह देखे की सी.आर.पी.ऍफ़ के जवान देश की रक्षा के लिए रक्त पिपासु मानवताविरोधी नक्सलवादियों के विरुद्ध कितना बड़ा त्याग देश के लिए कर रहे हैं. उन्होंने इसी तरह के बयान कश्मीर के अलगाववादी हुर्रियत नेता शाह गिलानी के समर्थन में एक सभा में कहा की भारत के लोग कहते हैं की कश्मीर भारत भारत का अभिन्न अंग है पर यहाँ पर सुरक्षा बल राष्ट्र द्रोही बताकर निर्दोष कश्मीरी युवकों को छलनी कर रहे हैं. उन्होंने रजत शर्मा के तर्क की जिन्हें आप निर्दोष बता रहे हैं वे देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर देश के मान-सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं तो आप कुछ नहीं कहते. इस पर उनका तर्क था की यह सब पकिस्तान करवा रहा है उसके उग्रवादियों को पाकिस्तान में घुस कर मारना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने अन्ना टीम के सभी सदस्यों के नाम लिए बिना अपनी ईर्ष्या को जाहिर किया की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर व्यक्तिपूजा नहीं होनी चाहिए. लोगों की टोपियों पर क्यों मैं अन्ना हूँ ...अन्ना हजारे जिंदाबाद लिखा था. यह लड़ाई भ्रष्टाचार के विरुद्ध थी न कि अन्ना हजारे की सरकार से? उन्होंने टीम अन्ना के लिए प्रधान मंत्री के लोक सभा में अन्ना के आन्दोलन को सही ठहराते हुए लोकपाल बिल को संसद के सदन में लाने की जब बात कही फिर भी वे सलमान खुर्शीद के साथ फोन पर संपर्क कर कहा कि यह तो पागल हाथियों का झुण्ड है जब इतनी बड़ी बात प्रधानमंत्री ने कह दी फिर भी अरविंद केज़री वाल, प्रशांत भूषन, किरण वेदी १४ दिन तक अनशन पर डेट रहे. बाद में उनके बयान को टी.वी. और अखबार में छापने पर वे इस विवाद से किनारा करते दिखे कि उन्होंने अन्ना को पागल हाथी नहीएँ कहा था. उसके बाद उन्हें टीम अन्ना में कोई जगह नहीं दी गयी. उन्होंने अपने आर्य समाजी बनाने के लिए बचपन में अपने को दारा हुआ बताया. और डराने पर वे हनुमान चालीसा पढ़ते थे. लेकिन स्वामी दयानंद सरस्वती के बताये मार्ग पर चलें एपर उन्होंने जाना कि एआश्वर सर्व व्यापी है हमें किसी से भयभीत नहीं होना चाहिए. इस पर भी उन्हें यह अफसोस नहीं हुआ कि किसी धर्म की निंदा करते समाया यह तो सोच लेते कि उस धर्म के लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं. और बार-बार गलतियाँ करने पर माफी माँगने का तो जैसे फैशन सा चल पडा है कि स्वामी अग्निवेश के लिए तो जैसे स्वामी होकर भी शर्म को उतार कर फेक दिया गया है . कलर्स चैनल पर बिग बोस शो में वे बालीवुड की सुन्दर अदाकाराओं, माडलों तथा यहाँ तक कि अमेरिका की पोर्न फिल्म स्टार के साथ दो दिन तक रह आये, एक सन्यासी के लिए इससे बड़ी गिरी हुयी और क्या हो सकती है ? उन्होंने भगवा छोले को बदनाम करने का काम किया है और राष्ट्रविरोधी तत्वों के साथ सहानुभूति दिखाकर उनका चरित्र सिर्फ अपने लिए प्रसिद्धि पाना है बस इतना है. 
राजीव राय  
मेगा सॉट कंसलटेंसी , हांडा पैलेस पीलीभीत 
मोबाइल - 9259277493 
9152817382
email-rrai0435@gmail.com

2 टिप्‍पणियां:

सुनील दत्त ने कहा…

ऐसे गद्दारों को तो देखते ही गोली मार देनी चाहिए।आपने जिस निस्वार्थ भाव से सच्चाई को लिखा उसके लिए आप बधाई के पात्र हैं।

Jai Hindu ने कहा…

thanks sir ji for comment. See my blog jhindu.blogspot.com