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कांग्रेस के भोंकू झुण्ड का हमला

आज महा आतंकवादी ओसामा लादेन जी के परम भक्त, मुस्लिम आतंकवादिओं के परम हितेषी कांग्रेस के भोंकू झुण्ड के चेयरपर्सन के नेतृत्व में कांग्रेस के भोंकू झुण्ड के सभी सदस्य नरेन्द्र मोदी नामक हाथी जो बिना चीखे चिल्लाये विकाश मार्ग पर अनवरत चल रहा हे, के पीछे ऊँचे सुर में भोंकना सुरु कर दिया हे, इसी तरह की आदत वाले कुछ समाचार चेनलों के संवाददाता भी इस कार्य में अपना भी सुर मिलाते हुए उनके भोंकने को बढ़िया कवरेज देकर निरंतर प्रसारित कर रहे हे, दरअसल जबसे नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ में आई भयंकर विपदा व तबाही से बर्बाद हुए महान मन्दिर में पुनरुधार करने की पेशकस की हे , भोंकू झुण्ड के सदस्यों के पेट में मरोड़ मचनी सुरु हो गयी हे, जो खुद हर क्षेत्र में नाकारा साबित हुए हो उन्हें दूसरो की सफलता पचती नहीं हे, अपनी नाकामियों को (जेसा की उनकी पार्टी के मुख्यमंत्री की नाकामी इस विपदा का सही ढंग से निपटने में नजर आई,) छिपाने के लिए सफल व्यक्ति पर भोंकना ही इनका तरीका हे, मिडिया का पुरा पुरा सहयोग तो इनको मिलता ही हे, या यों भी कह सकते हे, भोंकू झुण्ड व पक्षपाती मिडिया का यह एक सयुक्त अभियान हे. इस भोंकू झुण्ड के सदस्यों ने सोचा की उनकी महारानी व उनके आज्ञापलक मुख्य वजीर ने अपने आलिशान विमान में बेठ कर तबाही के भयंकर मंजर व उसकी की शिकार जनता को 15 -20 हजार फिट की ऊंचाई से देख कर जनता के दुःख दर्द दूर कर दिए हे , अब किसी को वहां जाने की जरुरत नहीं हे, तबाही के शिकार लोग महारानी के गुणगान कर अपना दर्द भूल जायेंगे , लेकिन जब नरेन्द्र मोदी ने वहां जाकर लोगो के दुःख दर्द को देखा सुना और मंदिर व केदारनाथ परिसर के पुनारुधार की पेशकस की तो इनके व इनके मिडिया सहयोगिओं की छाती पर सांप लोटने सुरु हो गए, विपक्षी दल का इस भयंकर विपदा में एक P M के होते हुए भी युवराज को ही P M मानने वाले इनके युवराज के देश में आकर प्रभावित लोगो के दुखदर्द में शामिल होने के बजाय विदेश में मोज मस्ती करते रहने के लिए सवाल पूछने पर भोंकू झुण्ड के सदस्य जोरदार भड़के हुए हें, इनका मानना हे की उनके युवराज तो भगवान से भी ज्यादा महान हे, वो तो विदेश में बैठकर अपना आशीर्वाद देकर जनता के दुःख दर्द दूर कर देंगे, अभी कुछ दिन पूर्व ही युवराज के परम कृपा पात्र वजीर जब देश में नक्सल आतंकवादिओं के हमले में इनकी पार्टी के बड़े नेता मारे गए थे तब भी विदेश में ही रहे क्योंकि इनको वहां तीन दिन बाद आँखों का चेकअप करना था , महान लोगो का चेकअप देश के साधारण डाक्टर केसे कर सकते थे, देश की मामूली जनता मरे तो मरे. यह भी संभव हे की पार्टी के नेताओ ने अपने युवराज को खबर देना ही जरुरी नहीं समझा हो , गरीब देश वासिओं के दुःख दर्द व तबाही जेसे मामूली कार्य के लिए युवराज की मोजमस्ती में खलल डालना इन्हें अनुचित लगा होगा, या युवराज को एसा बताकर उनको नाराज करना नहीं चाहते हो, युवराज की चापलूसी कर उनकी नज़रों में चढ़ना ही तो इनका प्रमुख कार्य हे ,इसी की आदत पद चुकी हे. देश में काला धन बहुत हे , यह भी संभव हे की युवराज मोजमस्ती के लिए नहीं , किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए गए हो, इसलिए इस समय युवराज को जनता के दुःख दर्द की बात कहना भोंकू झुण्ड के लोगो को अपने राजनेतिक जीवन के लिए खतरा लगता हो, सभी को सोचना हे.

भ्रूणहत्या एवं कैंसर को बढ़ावा देते गर्भनिरोधक

किसी दवाई की दुकान मे नज़र घुमाने पर कुछ दिखे ना दिखे पर कुछ नाम ऐसे होते हैं जिनपर आंखे अटक ही जाती है .... जैसे i–pill, unwanted-72, e-pill (जी हाँ .... मैं बात कर रहा हूँ गर्भनिरोधक गोलियों और इंजेक्शनों की, जिसे सरल भाषामे “contraceptive pills/injections” कहा जाता है) ... औए ये सिर्फ दवाई दुकानों में ही नहीं, करीब करीब सभी जनरल स्टोर्समे भी सुशोभनीय है ...


आइये जानते हैं कि ये उत्पाद भ्रूण मारनेके अलावा और क्या कारनामे करते हैं ....

(नाबालिग, कमजोर दिल वाले और सन्नि लियोनको आदर्श मानने वाले इस लेख से दूर ही रहें आदेशानुसार)

आज बाज़ार में जितनी भी गर्भनिरोधक गोलियां या इंजेक्शन हैं वो कुछ तकनीकों के आधार पर काम करते हैं

1 – Depo-Provera – यह गर्भनिरोधक इंजेशनों मे इस्तेमाल होनेवाली तकनीक है... इस तकनीक को जिस अमेरिकी कंपनी ने विकसित किया है, वो कंपनी अमेरिका मे इस तकनीक से बने इंजेक्शन नहीं बेच सकती (बेचारी कंपनी पर ही बैन लग गया है).... लेकिन ये कंपनी भारत मे धड़ल्ले से अपने इंजेक्शन बेच रही है (बधाई हो) ... इस तकनीक से बने इंजेक्शन गर्भाशय की कोशिकाओं की संख्या बढ़ा कर भ्रूण को मार देती हैं ... (मार लिया अपना अंश ... अब आगे पढ़ो) ... पर उसके बाद उन बढ़ी हुई कोशिकाओं को वापस कम कौन करेगा ?????? कालांतर मे आप गर्भाशय के ट्यूमर की दवा ले रहे होंगे (और अगर उन कोशिकाओं मे विष फैल गया तो ... कैंसर)

2 – NET-EN (Norethisterone Enantate) – ये भी इंजेक्शनों मे इस्तेमाल होती है ...ये पीयूष ग्रंथि (फिरंगियों के लिए “Pituitary gland”) की बाप-भाई एक कर देती है ... (और याद रहे कि पीयूष ग्रंथिसे निकलने वाले हारमोनके बिना आप तो क्या एनडी तिवारीभी को भी बच्चा नहीं हो सकता)

3 – RU496, Norplant – इसका उपयोग गोलियों मे होता है .... इस तकनीक को विकसित करने वालों का कहना है कि ये गर्भाशय को ढीला कर देता है, जिससे गर्भ नहीं ठहरता ... (तो गर्भाशय को वापस संकीर्ण उसका बाप थोड़ी करेगा) ... सही है ... गर्भाशय कालांतर मे पूर्ण रूप से ढीला हो जाता है ... इसकी वजह से लड़कियों को माहवारी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और बेहोशी आती है ....

इसके अलावा इन सभी (तीनों तकनीकों ) के उपयोग में कमजोरी आना, सिरदर्द (माइग्रेन) और बोलने मे परेशानी, सीने मे दर्द, आकस्मित खांसी, एक या दोनों पैरों मे दर्द या सूजन, उल्टियाँ आना, योनि से खून आना, स्तनों मे सूजन, नींद ना आना, बुखार आना, शरीर मे खुजली होना, भूख ना लगना ... ये सामान्य बात है ...

(हो गया पढ़ लिया .... अब लिंक देखना है तो ये लो )

http://en.wikipedia.org/wiki/Depo-Provera#Side_effects

http://www.drugs.com/sfx/depo-provera-side-effects.html

http://en.wikipedia.org/wiki/Norplant#Side_effects

http://www.drugs.com/sfx/norplant-system-side-effects.html

http://www.webmd.com/drugs/drug-4455-Norplant+System+Impl.aspx?drugid=4455&drugname=Norplant+System+Impl&pagenumber=6

http://www.rxlist.com/norplant-side-effects-drug-center.htm

http://www.nhs.uk/medicine-guides/pages/MedicineSideEffects.aspx?condition=Contraception&medicine=norethisterone+enantate&preparation

(अब मैं क्या लिखूँ .... कुछ भी लिखुंगा तो कुछ लोग तो चिल्लाएँगे ही ... कोई बात नहीं ... चिल्लाओ, मेरा क्या जाएगा)
हो गया सब पढ़ लिया ... अब मेरी बात सुनो ....

प्यार का मतलब सिर्फ sex है क्या ????? विदेशियों के लिए होगा ... पर क्या हमारे लिए भी प्यार और sex मे कोई फर्क नहीं है ....

और एक बात लड़कियों के लिए (सारी लड़कियों के लिए नहीं ... सिर्फ उनके लिए जो इसका उपयोग करती हैं) .... अगर आप अपने पैर खोल कर sex कर सकते हो, तो आप मुंह खोलकर मना भी कर सकते हो ....

अगर बच्चे को पैदा नहीं कर सकते तो उसकी नौबत ही क्यों आने देते हो ?????

खैर .... ये सब बातें इस बिगड़ी पीढ़ी को समझाना बेकार है (शर्म आती है खुद को इसी पीढ़ी का हिस्सा कहते हुए) ....

आपने पूरा पढ़ा उसके लिए धन्यवाद .... अच्छा लगा तो इसे अपने पहचान वालों तक पहुंचाएँ .... और एक प्रण लें कि खुद ना तो इनका इस्तेमाल करेंगे ... और ना ही किसी को इस हालत मे पहुंचाएंगे ....
और अच्छा नहीं लगा तो .... क्या कहूँ ... जो चल रहा है चलने दो ... हम तो हैं ही बेवकूफ़, जो इन विधर्मियों को सुधारने चले हैं ....

साभार 
Saurabh Bhardwaj  फेसबुक